शहीद कैप्टन तुषार महाजन रेलवे स्टेशन- India TV Hindi
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शहीद कैप्टन तुषार महाजन रेलवे स्टेशन। फाइल

जम्मूः जम्मू-कश्मीर के उधमपुर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर शहीद कैप्टन तुषार महाजन रेलवे स्टेशन (एमसीटीएम) कर दिया गया था लेकिन टिकट बुक करते समय पुराना नाम उधमपुर नाम ही दिखता था और नाम बदलने के बावजूद टिकट पुराने नाम से ही बुक होता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। रेल यात्री अब अपना टिकट शहीद तुषार महाजन रेलवे स्टेशन (एमसीटीएम) के नाम से बुक कर सकेंगे। कम्प्यूटरीकृत टिकटिंग प्रक्रिया में अब यह नाम दिखने लगा है।

 वैष्णो देवी रूट में पड़ता है रेलवे स्टेशन

बता दें कि यह रेलवे स्टेशन माता वैष्णो देवी कटरा जाने के दौरान रास्ते में पड़ता है। कटरा तक ट्रेन न मिलने की स्थिति में बहुत से लोग वैष्णो देवी जाने के लिए यहां तक टिकट बुक करते हैं। यहां से कटरा के बीच दूरी ज्यादा नहीं है। 

एमसीटीएम रेलवे स्टेशन के नाम पर टिकट होगा बुक

 रेलवे मंत्रालय के इस फैसले की जानकारी केंद्रीय मंत्री और उधमपुर के सांसद जितेंद्र सिंह ने एक्स हैंडल पर दी है। जितेंद्र सिंह ने बताया कि कम्प्यूटरीकृत टिकटिंग प्रक्रिया में गंतव्य का नाम “उधमपुर” छूट गया था, लेकिन मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के व्यक्तिगत हस्तक्षेप से इस त्रुटि को सुधारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब टिकट एमसीटीएम रेलवे स्टेशन के नाम पर बुक किया जा सकेगा। 

हवाई अड्डा जल्द होगा शुरू

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि उधमपुर के लिए एक और अच्छी खबर है। यहां से हवाई अड्डा बहुत जल्द नागरिक उड़ानों का संचालन शुरू करेगा और इसके लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 

कौन थे शहीद कैप्टन तुषार महाजन

बता दें कि साल 2023 में उधमपुर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर अब ‘शहीद कैप्टन तुषार महाजन रेलवे स्टेशन’ कर दिया गया था। यह नाम कैप्टन तुषार महाजन के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान अपने साथी सैन्यकर्मियों की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवा दी थी। कैप्टन तुषार महाजन सेना के विशेष बलों की 9वीं पैरा के अधिकारी थे। फरवरी 2016 में, दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में जम्मू-कश्मीर उद्यमिता विकास संस्थान (JKEDI) की इमारत पर एक आतंकवादी हमला हुआ था। कैप्टन महाजन ने उस हमले के दौरान एक आतंकवादी को मार गिराया था, हालांकि, दुर्भाग्य से उनकी जान चली गई थी। उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था जोकि उनकी वीरता का प्रमाण है।





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