
Kim Jong Un With Daughter Kim Ju Ae
Kim Jong Un Daughter Kim Ju Ae: उत्तर कोरिया एक ऐसा देश है जिसकी अंदरूनी राजनीति के बारे में बातें शायद ही कभी सामने आती हैं। यह देश अपने बंद समाज, सख्त नियमों और तानाशाही शासन के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान रखता है। यहां सत्ता केवल एक परिवार ‘किम परिवार’ के हाथों में रही है। उत्तर कोरिया के वर्तमान सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया है। लेकिन, अब पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उनके बाद उत्तर कोरिया की सत्ता किसे मिलेगी। हाल ही में उनकी बेटी के सार्वजनिक रूप से लगातार सामने आने के बाद अटकलें तेज हो गई हैं कि शायद वही अगली शासक बन सकती हैं।
बेटी के साथ चीन पहुंचे किम जोंग उन
इन बातों को और अधिक हवा इसलिए भी मिल रही है क्योंकि किम जोंग उन चीन की सैन्य परेड में शामिल होने के लिए अपनी बेटी किम जु ऐ (Kim Ju Ae) के साथ बीजिंग पहुंचे। विदेश के किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में जु ऐ की यह पहली उपस्थिति है। विश्लेषकों का मानना है कि यह उत्तर कोरिया की सत्ता के भविष्य के लिए एक बड़ा संकेत है। अब तक जु ऐ अपने पिता के साथ देश में ही कई महत्वपूर्ण सैन्य परीक्षणों और समारोहों में दिखाई देती रही हैं। यह संकेत हैं कि किम जोंग उन अपनी बेटी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाकर भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं।
बेटी की पहली झलक और फिर शुरू हुआ सिलसिला
नवंबर 2022 में दुनिया ने पहली बार किम जोंग उन की बेटी की तस्वीरें देखीं। यह वह समय था जब उत्तर कोरिया ने अपनी सबसे बड़ी अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) परीक्षण का सफल प्रदर्शन किया था। इस परीक्षण स्थल पर किम जोंग उन अपनी बेटी का हाथ पकड़े हुए नजर आए थे। इस घटना के बाद से बेटी अक्सर पिता के साथ कई राष्ट्रीय समारोहों, सैन्य परेड और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों में दिखाई देने लगीं। उत्तर कोरिया जैसे गुप्त देश में यह असामान्य बात थी कि परिवार के किसी सदस्य को इतनी बार सार्वजनिक मंच पर लाया जाए।
उत्तराधिकारी बनने की अटकलें क्यों?
- परिवार की परंपरा: उत्तर कोरिया में सत्ता हमेशा किम परिवार में रही है। ऐसे में अगली पीढ़ी को तैयार करने के संकेत मिलना स्वाभाविक है।
- सार्वजनिक उपस्थिति: किम जु ऐ लगातार महत्वपूर्ण अवसरों पर पिता के साथ नजर आ रही हैं। यह केवल पारिवारिक कारण नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश है।
- शक्ति का प्रतीक: मिसाइल परीक्षण और सैन्य आयोजनों जैसे अवसरों पर बेटी को दिखाना इस बात का संकेत है कि उन्हें उत्तर कोरिया की शक्ति और सेना से जोड़ा जा रहा है।
क्या संदेश दे रहे हैं किम जोंग उन
कई विशेषज्ञों का मानना है कि किम जोंग उन अपनी बेटी को सामने लाकर यह संदेश देना चाहते हैं कि देश की सत्ता आगे भी परिवार में ही रहेगी। यह कदम घरेलू जनता को यह विश्वास दिलाने के लिए भी हो सकता है कि भविष्य में भी नेतृत्व सुरक्षित है। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह संकेत हो सकता है कि उत्तर कोरिया आने वाले दशकों तक किम परिवार की पकड़ से बाहर नहीं होगा।
आसान नहीं होगी किम जु ऐ की राह
भले ही किम जु ऐ को लेकर उत्सुकता और चर्चा बढ़ी है, लेकिन उनके उत्तराधिकारी बनने का रास्ता इतना आसान नहीं होगा। उत्तर कोरिया की राजनीति और समाज परंपरागत रूप से पुरुष प्रधान रहा है। महिला नेता को स्वीकार करना वहां के लिए नया और चुनौतीपूर्ण विचार होगा। इतना ही नहीं किम जु ऐ अभी किशोरावस्था में भी नहीं पहुंची हैं। ऐसे में शासन की जिम्मेदारी संभालना व्यावहारिक रूप से असंभव है, जब तक कि उन्हें लंबी तैयारी और राजनीतिक प्रशिक्षण ना मिले। किम जोंग उन की स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर कई बार रिपोर्टें आ चुकी हैं। यदि अचानक कोई संकट आता है तो इतनी छोटी उम्र में बेटी का नेतृत्व करना संभव नहीं होगा और सत्ता पर आंतरिक संघर्ष शुरू हो सकता है।
उत्तर कोरिया में अब तक क्या हुआ
उत्तर कोरिया की स्थापना 1948 में किम इल-सुंग ने की थी। उन्होंने ही देश को साम्यवादी ढांचे और तानाशाही शासन की राह पर आगे बढ़ाया। उनके निधन के बाद सत्ता उनके बेटे किम जोंग इल को मिली। साल 2011 में किम जोंग इल के निधन के बाद मौजूदा शासक किम जोंग उन सत्ता में आए। यह सिलसिला दर्शाता है कि उत्तर कोरिया में सत्ता केवल किम परिवार की अगली पीढ़ी को ही सौंपने की परंपरा रही है। यही कारण है कि अब किम जोंग उन की बेटी के सामने आने को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि वह परिवार की चौथी पीढ़ी की नेता हो सकती हैं।
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