
यशवंत देशपांडे
कन्नड़ रंगमंच के कलाकार और फिल्म निर्माता यशवंत सरदेशपांडे का सोमवार, 29 सितंबर को सुबह निधन हो गया। उनकी बेंगलुरु में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। आज सुबह सीने में दर्द के बाद वे बेहोश हो गए और उन्हें फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें होश में लाने के सभी प्रयास असफल रहे। यशवंत सरदेशपांडे के आकस्मिक निधन से पूरी फिल्म इंडस्ट्री स्तब्ध है। वह एक प्रसिद्ध नाटककार, अभिनेता और निर्देशक थे। उन्हें हास्य भूमिकाओं के लिए जाना जाता था। उनके परिवार में उनकी पत्नी मालती सरदेशपांडे और उनकी बेटी हैं।
यशवंत सरदेशपांडे का मौत के एक दिन पहले ये था हाल
29 सितंबर, 2025 को सुबह लगभग 10 बजे यशवंत सरदेशपांडे को फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया। उन्हें दिल का दौरा पड़ा और तमाम कोशिशों के बावजूद यशवंत को नहीं बचा पाए। मौत के एक दिन पहले सरदेशपांडे 28 सितंबर, 2025 की शाम को धारवाड़ में थे, जहां उन्होंने एक नाटक प्ले किया था। नाटक खत्म करने के बाद यशवंत सरदेशपांडे 29 सितंबर, 2025 की सुबह बेंगलुरु पहुंचे। घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद इस दिग्गज अभिनेता ने सीने में दर्द की शिकायत की और बेहोश हो गए। उनके अंतिम संस्कार के बारे में परिवार द्वारा अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है।
यशवंत सरदेशपांडे को ऑल द बेस्ट से मिली पहचान
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इस कठिन समय में यशवंत सरदेशपांडे के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कन्नड़ रंगमंच में उनके काम को याद किया और बताया कि कैसे वे सबसे लोकप्रिय नाटककार थे। उन्होंने पूरे भारत में कई नाटकों में अभिनय और निर्देशन भी किया। बता दें कि अपने अभिनय और निर्देशन के लिए मशहूर यशवंत सरदेशपांडे को ‘ऑल द बेस्ट’ से नेम-फेम मिला था। उन्होंने टेलीविजन और फिल्मों में भी अभिनय किया।
यशवंत सरदेशपांडे कौन हैं?
यशवंत सरदेशपांडे ‘नागेया सरदार’ के नाम से प्रसिद्ध थे। उनका जन्म बीजापुर जिले के बसवना बागेवाड़ी तालुका के उक्काली गांव में हुआ था। छोटी उम्र से ही उन्होंने रंगमंच में अभिनय करना शुरू कर दिया था और बाद में हेग्गोडु के प्रसिद्ध निनासम थिएटर स्कूल से प्रशिक्षण प्राप्त कर रंगमंच में डिप्लोमा प्राप्त किया। इसके बाद, उन्होंने 1996 में न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय से सिनेमा और नाटक लेखन में सर्टिफिकेट कोर्स किया।
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