• आज कार्तिक पूर्णिमा का स्नान पर्व है। इस मौके पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का विराट सैलाब उमड़ पड़ा। लाखों की संख्या में श्रद्धालु हर की पैड़ी समेत अन्य गंगा घाटों पर पवित्र डुबकी लगाने के लिए दूर-दूर से यहां पहुंचे।

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    आज कार्तिक पूर्णिमा का स्नान पर्व है। इस मौके पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का विराट सैलाब उमड़ पड़ा। लाखों की संख्या में श्रद्धालु हर की पैड़ी समेत अन्य गंगा घाटों पर पवित्र डुबकी लगाने के लिए दूर-दूर से यहां पहुंचे।

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    सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही गंगा स्नान का सिलसिला शुरू हो गया था। कड़ाके की सर्दी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। चारों ओर ‘हर हर गंगे’ के जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

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    हिंदू धर्म के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से मनुष्य को विष्णु लोक की प्राप्ति होती है और सभी पाप धुल जाते हैं। इसी मान्यता के चलते लोग गंगा में पावन डुबकी लगाई। साथ ही खिचड़ी आदि का दान-पुण्य भी किया।

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    कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर देव दिवाली भी मनाई जाती है। श्रद्धालुओं ने हर की पैड़ी में गंगा किनारे हवन किया और हजारों की संख्या में दीप जलाकर मां गंगा की पूजा-अर्चना की।

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    लाखों श्रद्धालुओं के अचानक हरिद्वार पहुंचने के कारण शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। हरिद्वार-दिल्ली-रुड़की हाईवे मार्ग वाहनों की भारी भीड़ के कारण जाम की भेंट चढ़ गया है। वाहनों को रेंग-रेंग कर चलना पड़ रहा है, जिससे राहगीरों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

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    भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सख्त किया। पूरे मेला क्षेत्र को 11 जोन और 36 सेक्टर में विभाजित कर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया।

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    प्रशासन ने पहले ही इस भीड़ को देखते हुए यातायात योजना लागू की थी, जिसके तहत कई मार्गों पर डायवर्जन किया गया है और भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या उम्मीद से कहीं अधिक होने के कारण जाम की स्थिति बन गई। (रिपोर्ट- सुनील पांडे)





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