
PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार, 19 नवंबर को तमिलनाडु के कोयम्बटूर से पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त जारी करेंगे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल कुल 6000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। किसानों को 4-4 महीने के अंतराल पर 2000-2000 रुपये की 3 किस्तें दी जाती हैं। सरकार ने 2 अगस्त, 2025 को पीएम किसान योजना के तहत 20वीं किस्त जारी की थी। केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले ये पैसे सीधे किसानों के बैंक खाते में आते हैं।
उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में भेजे जाएंगे 4314.26 करोड़ रुपये
कल, पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त के तहत उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में 4314.26 करोड़ रुपये भेजे जाएंगे। एक आधिकारिक बयान में ये जानकारी दी गई। बयान में बताया गया कि उत्तर प्रदेश के किसानों के बैंक खातों में ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ योजना के तहत अभी तक कुल 90,354.32 करोड़ रुपये भेजे जा चुके है। इसी तरह, बुधवार को राजस्थान के 66.62 लाख किसानों को 1332.40 करोड़ रुपये की राशि भेजी जाएगी। राजस्थान के किसानों को अभी तक इस योजना के तहत 3.91 लाख करोड़ की राशि भेजी जा चुकी है।
राजस्थान के किसानों को मिलते हैं साल के 9000 रुपये
इस खास मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दुर्गापुरा स्थित राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। कल, राजस्थान के सभी जिलों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजस्थान में किसानों को अतिरिक्त राहत प्रदान करने के लिए ‘मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि’ योजना चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत ‘पीएम किसान सम्मान निधि योजना’ के सभी पात्र किसानों को हर साल 3000 रुपये की अतिरिक्त राशि दी जा रही है। यानी, राजस्थान में किसानों को कुल 9000 रुपये की मदद मिलती है।
राजस्थान के किसानों के खाते में आएंगे 3000 रुपये
राजस्थान के किसानों को पीएम किसान योजना के तहत 2000 रुपये और राजस्थान सरकार की योजना के तहत 1000 रुपये मिलते हैं। इस तरह, राजस्थान के किसानों को हर बार 3000 रुपये की मदद मिलती है। बताते चलें कि 20वीं किस्त जारी होने के बाद से ही देशभर के किसान बेसब्री से 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे थे। पीएम किसान योजना के तहत लाभ पाने के लिए रजिस्टर्ड किसानों को ओटीपी बेस्ड ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। अगर किसी किसान का ई-केवाईसी पेंडिंग है तो उसके बैंक खाते में पैसे नहीं आएंगे और इसके लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
