Donald Trump- India TV Hindi
Image Source : AP
डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को यूक्रेन की लीडरशिप की फिर से आलोचना की और आरोप लगाया कि कीव ने रूस के साथ युद्ध जारी रहने के दौरान अमेरिकी समर्थन और उसके प्रयासों के लिए आभार नहीं जताया। उन्होंने ट्रूथ सोशल पर एक बयान जारी कर रूस-यूक्रेन युद्ध के लिए अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अगर सही नेतृत्व होता तो यह युद्ध नहीं भड़कता। ट्रंप ने यूरोप को भी रूस से तेल खरीदने लिए घेरा और उनकी आलोचना की।

यूक्रेन ने कभी अहसान नहीं माना-ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ तौर पर कहा कि यूक्रेन को अमेरिका ने युद्ध में इतनी मदद की लेकिन उसने अमेरिका का कभी अहसान नहीं माना। ट्रंप ने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रूथ पर लिखा- “मुझे एक ऐसा युद्ध विरासत में मिला, जो कभी नहीं होना चाहिए था। एक ऐसी जंग जिसमें सभी का नुकसान हुआ। इसमें लाखों लोग बेवजह मारे गए। यूक्रेन के नेतृत्व ने हमारी कोशिशों पर बिल्कुल भी आभार नहीं जताया है। यूरोप लगातार रूस से तेल खरीद रहा है। भगवान उन सभी की आत्मा को शांति दे, जो इस युद्ध में मारे गए हैं।”

जेलेंस्की के पास 27 नवंबर तक का समय

ट्रंप ने ये बातें अमेरिकी और यूक्रेनी अधिकारियों के जेनेवा में मुलाकात से कुछ पहले पोस्ट किया है ताकि लड़ाई रोकने के उनके प्रस्तावों पर चर्चा की जा सके। व्हाइट हाउस ने यूक्रेन को इस प्लान को मंज़ूरी देने के लिए 27 नवंबर तक का समय दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन-रूस युद्ध को समाप्त करने के लिए 28 सूत्री नयी योजना पेश की और साथ ही साफ कर दिया है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के पास लड़ाई को लंबे समय तक जारी रखने का विकल्प नहीं है और उन्हें इस योजना को स्वीकार करना होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कीव ड्राफ़्ट में बदलाव के लिए ज़ोर दे रहा है, जिसमें कथित तौर पर रूस की कई सबसे मुश्किल मांगों को मान लिया गया है।

इस प्रस्ताव के तहत यूक्रेन को विवादित इलाका छोड़ना होगा, अपनी मिलिट्री में भारी कमी करनी होगी और NATO की मेंबरशिप हमेशा के लिए छोड़नी होगी। शनिवार को, ट्रंप ने रिपोर्टर्स से कहा कि यह प्रपोज़ल “उनका आखिरी ऑफ़र नहीं है” लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वह किसी भी तरह लड़ाई रोकने के लिए पक्के इरादे वाले हैं।

प्रस्ताव से सहमत नहीं जेलेंस्की

जेलेंस्की ने कहा कि उनका देश संप्रभु अधिकारों की रक्षा और अमेरिकी समर्थन के बीच कठिन विकल्प का सामना कर सकता है। उन्होंने वचन दिया कि उनके लोग “हमेशा अपना घर बचाएंगे।” रविवार को बातचीत से पहले फ्रांस की रक्षा मंत्रालय की मंत्री एलिस रूफो ने फ्रांस इंफो को बताया कि चर्चा का मुख्य बिंदु योजना में यूक्रेनी सेना पर लगाए गए प्रतिबंध होंगे, जो “उसकी संप्रभुता पर सीमा” हैं। उन्होंने कहा, “यूक्रेन को खुद का बचाव करने में सक्षम होना चाहिए। रूस युद्ध चाहता है और पिछले वर्षों में कई बार युद्ध छेड़ चुका है।”

Latest World News





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version