• भारतीय सिनेमा के इतिहास में 'शोले' एक ऐसी फिल्म है, जिसे कल्ट, कलासिक और बॉक्सऑफिस एंटरटेन का दर्जा मिला हुआ है। इस फिल्म की रिलीज को 50 साल पूरे हो गए हैं और फिल्म को कई सितारे अब हमारे बीच नहीं रहे हैं। धर्मेंद्र और अमजद खान से लेकर असरानी और जगदीप तक, रामगढ़ को रोशन करने वाले और यादगार यादें छोड़ने वाले सितारों को यह एक प्यारी श्रद्धांजलि है।

    Image Source : IMDB/Sippy Films and United Producers

    भारतीय सिनेमा के इतिहास में ‘शोले’ एक ऐसी फिल्म है, जिसे कल्ट, कलासिक और बॉक्सऑफिस एंटरटेन का दर्जा मिला हुआ है। इस फिल्म की रिलीज को 50 साल पूरे हो गए हैं और फिल्म को कई सितारे अब हमारे बीच नहीं रहे हैं। धर्मेंद्र और अमजद खान से लेकर असरानी और जगदीप तक, रामगढ़ को रोशन करने वाले और यादगार यादें छोड़ने वाले सितारों को यह एक प्यारी श्रद्धांजलि है।

  • Image Source : IMDB/Sippy Films and United Producers

    धर्मेंद्र ने ‘शोले’ में वीरू का किरदार निभाकर जय–वीरू की जोड़ी को अमर बना दिया। उनका मशहूर डायलॉग, ‘बसंती, इन कुत्तों के सामने मत नाचना’ आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार लाइनों में गिना जाता है। 24 नवंबर को 89 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ।

  • Image Source : IMDB/Sippy Films and United Producers

    अमजद खान ने फिल्म के सबसे डरावने और प्रभावशाली विलन गब्बर सिंह का रोल किया, एक ऐसा किरदार जिसे बॉलीवुड में आज तक कोई टक्कर नहीं दे पाया। अमजद खान का 1992 में देहांत हो गया।

  • Image Source : IMDB/Sippy Films and United Producers

    संजीव कुमार ने ठाकुर बलदेव सिंह बने थे, एक ऐसे इंसान, जो भीतर से टूट चुका था, पर बदला लेने की आग अब भी भीतर सुलग रही थी। उनका 1985 में मात्र 47 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।

  • Image Source : IMDB/Sippy Films and United Producers

    असरानी ने अपनी अनोखी कॉमिक टाइमिंग के साथ फिल्म के जेलर का किरदार निभाया और कहानी में हल्की-फुल्की मुस्कान भर दी। 20 अक्टूबर 2025 को उनका निधन हुआ।

  • Image Source : IMDB/Sippy Films and United Producers

    इफ्तेखार, जिन्हें अक्सर ‘मैन इन यूनिफॉर्म’ कहा जाता था, शोले में इंस्पेक्टर नर्मला के रूप में राधा के पिता की भूमिका में नज़र आए। उनकी उपस्थिति ने फिल्म को एक अलग संतुलन दिया। 1995 में उनका निधन हो गया।

  • Image Source : IMDB/Sippy Films and United Producers

    सत्येन कप्पू ने ठाकुर के वफादार सेवक रामलाल की भूमिका निभाई, जिसकी निष्ठा और सरलता पूरी फिल्म में झलकती है। यह अनुभवी अभिनेता 2007 में दुनिया से रुखसत हो गया।

  • Image Source : IMDB/Sippy Films and United Producers

    सांभा, गब्बर के साइलेंट लेकिन असरदार साथी के रूप में पहचाने जाने वाले अभिनेता मैक मोहन ने बहुत कम संवादों के बावजूद अपनी छाप छोड़ी। 2010 में उनका निधन हुआ।

  • Image Source : IMDB/Sippy Films and United Producers

    एके हंगल ने इमाम साहब का मार्मिक किरदार निभाया। एक अंधे पिता का दर्द उनकी अदाकारी के ज़रिये आज भी दर्शकों को छू जाता है। 2012 में उनका देहांत हुआ।

  • Image Source : IMDB/Sippy Films and United Producers

    जगदीप ने सूरमा भोपाली बनकर फिल्म में शरारत, हंसी और मासूमियत का एक अलग ही रंग भर दिया। 2020 में उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा।

  • Image Source : IMDB/Sippy Films and United Producers

    लीला मिश्रा अपनी ‘मौसी’ की भूमिका के लिए आज भी याद की जाती हैं। उनका निधन 1988 में हुआ।

  • Image Source : IMDB/Sippy Films and United Producers

    विजू खोटे ने कालिया का किरदार निभाया, जिसकी मशहूर लाइन ‘सरदार, मैंने आपका नमक खाया है’, आज भी फैंस को याद है। 2019 में उनका निधन हुआ।

  • Image Source : IMDB/Sippy Films and United Producers

    केष्टो मुखर्जी ने जेल के चतुर और मजाकिया नाई हरिराम के किरदार से कॉमेडी का हल्का-फुल्का स्वाद जोड़ा। वे 1982 में इस दुनिया से विदा हो गए।





  • Source link

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    Exit mobile version