इजरायल-हमास युद्ध - India TV Hindi
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इजरायल-हमास युद्ध

दीर अल-बलाह (गाजा पट्टी): इजरायल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से फिलस्तीनी मृतकों की संख्या बढ़कर 70 हजार से ज्यादा हो गई है। यह जानकारी गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को दी। वहीं एक अस्पताल ने कहा कि इजरायली गोलीबारी में क्षेत्र के दक्षिण में दो फलस्तीनी बच्चे मारे गए। दस अक्टूबर को नया युद्धविराम लागू होने के बाद से मृतकों की संख्या में वृद्धि जारी है। इजरायल अब भी युद्धविराम के कथित उल्लंघन के जवाब में हमले कर रहा है, और उन लोगों के शव मलबे से बरामद किए जा रहे हैं जो युद्ध के शुरुआती दौर में मारे गए थे। 

7 अक्तूबर को हमास ने किया था इजरायल पर हमला

स्वास्थ्य मंत्रालय हमास द्वारा संचालित सरकार के अधीन कार्य करता है। इसमें चिकित्सा पेशेवर कार्यरत हैं और यह विस्तृत रिकॉर्ड रखता है जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय आमतौर पर विश्वसनीय मानता है। मंत्रालय के अनुसार, अब तक 70,100 फिलस्तीनी मारे गए हैं। युद्ध की शुरुआत सात अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजरायल पर हमास के नेतृत्व वाले हमले से हुई, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए और चरमपंथियों ने 250 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया। युद्धविराम या अन्य समझौतों के तहत लगभग सभी बंधकों या उनके अवशेषों को वापस कर दिया गया है। बच्चों के शव दक्षिणी गाजा में नासिर अस्पताल लाये गए। अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि 8 और 11 वर्ष की आयु के दोनों भाइयों की मृत्यु उस समय हुई जब बेनी सुहैला कस्बे में विस्थापित लोगों को आश्रय देने वाले एक स्कूल के निकट एक इजरायली ड्रोन ने हमला किया। 

इजराइली सेना ने कहा कि उसने दो लोगों को मार गिराया जो इजराइली नियंत्रण वाले इलाके में घुस आए थे। इजरायली सेना ने कहा कि वे ‘‘संदिग्ध गतिविधियों’’ में लिप्त थे और सैनिकों के पास पहुंच गए थे। बयान में बच्चों का जिक्र नहीं था। इजराइली सेना ने कहा कि उसने दक्षिण में एक अलग लेकिन ऐसी ही घटना में एक और व्यक्ति को मार गिराया।

लेबनान की सेना ने इजरायल सीमा पर सैनिकों की संख्या बढ़ाई 

लेबनान की सेना ने इजराइल की सीमा से लगे क्षेत्रों में अपने सैनिकों की संख्या में बढ़ोतरी की है। इजराइल और हिज्बुल्ला के बीच 14 महीने तक युद्ध के दौरान लेबनान की सीमा से सटे ये इलाके भी प्रभावित हुए थे। लितानी नदी के दक्षिण एवं इजराइल की सीमा के उत्तर में स्थित इस क्षेत्र के कुछ हिस्से पहले हिज्बुल्ला का गढ़ हुआ करते थे। सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इजराइल-हिज्बुल्ला युद्ध समाप्त होने के बाद से लेबनान की सेना ने लगभग 10,000 सैनिकों को सीमा पर तैनात किया है, लितानी नदी के किनारे तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 11 नाकों को बंद कर दिया गया है और भारी मात्रा में अप्रयुक्त आयुध को नष्ट किया जा रहा है। सेना के जवान शुक्रवार को स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों के दर्जनों पत्रकारों को सीमा से लगे दुर्गम इलाकों के दौरे पर ले गये। सैनिक उन जगहों पर देखे जा सकते थे, जहां कभी हिज्बुल्ला के लड़ाके होते थे। (इनपुट-भाषा)

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