
कुणाल कपूर।
खाने को लेकर कपूर परिवार का प्यार कौन नहीं जानता। हाल ही में आई कपूर खानदान की डॉक्यूमेंट्री ‘डाइनिंग विद द कपूर्स’ में भी खाने को लेकर कपूर परिवार के सदस्यों का प्यार देखने को मिला था। खाने को लेकर कपूर फैमिली का प्यार अक्सर सुर्खियों में रहता है, सोशल मीडिया पर भी कपूर फैमिली के सदस्य अपना फूड लव जाहिर करने से नहीं कतराते। इस बीच कपूर फैमिली का एक सदस्य काफी चर्चा में है। हाल ही में शशि कपूर के बेटे कुणाल कपूर ने शाकाहारियों को लेकर कुछ ऐसा कह दिया, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुणाल कपूर ने शाकाहारियों को ‘रेसिस्ट’ बताया है।
रेसिस्ट होते हैं वेजिटेरियन- कुणाल कपूर
कुणाल कपूर हाल ही में पूजा भट्ट के पॉडकास्ट में नजर आए। इस दौरान कुणाल ने माना कि उन्हें शाकाहारियों से सख्त नफरत है और वह उन्हें “तिरस्कार और घृणा” की नजर से देखते हैं। शाकाहारियों को लेकर अपनी इस सोच की वजह भी बताई और अपने रुख को साफ करते हुए कहा कि जब उनके घर कोई शाकाहारी व्यक्ति आता है तो वे अपने घर आने उन्हें शाकाहारी भोजन परोसते हैं, लेकिन जब वो किसी शाकाहारी व्यक्ति के घर जाते हैं तो उन्हें बदले में वैसा सत्कार नहीं मिलता।
शाकाहारी के घर पर नहीं मिलता नॉनवेज- कुणाल कपूर
जब कुणाल कपूर ने शाकाहारियों को “रेसिस्ट” कहा तो आलिया भट्ट की बड़ी बहन पूजा ने उनसे मजाकिया लहजे में पूछा, “तो क्या मैं नस्लवादी हूं?” कुणाल ने तुरंत जवाब देते हुए कहा, “हां, तुम हो, क्योंकि तुम मुझे नॉनवेज खाने से इनकार करती हो। मेरे खाने की टेबल पर हर तरह का खाना होता है, शाकाहारी भी और मांसाहारी भी। लेकिन, जब मैं किसी वेजिटेरियन के घर जाता हूं तो ऐसा नहीं होता। वो मुझे नॉनवेज खाने के लिे नहीं देते। लेकिन, जब मैं अपने घर र दावत देता हूं तो मैं दोनों तरह का खाना देता हूं।”
ट्रोल्स के निशाने पर कुणाल कपूर
अपने इस बयान को लेकर अब कुणाल कपूर ट्रोल्स के निशाने पर आ गए हैं। कई यूजर्स ने उनके इस बयान को लेकर उन्हें निशाने पर लिया और उनके इस बयान की आलोचना की है। दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर रणबीर कपूर के वीडियो भी चर्चा में आ गए हैं, जिसमें वह नॉन वेज का लुत्फ उठा रहे हैं। जबकि वह नितेश तिवारी की ‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं।
कुणाल भी फिल्मों में कर चुके हैं काम
बता दें, कुणाल कपूर अभिनेता शशि कपूर और जेनिफर केंडल के बेटे हैं। कुणाल ने 1972 में आई कॉनरैड रूक्स की इंडो-अमेरिकन फिल्म ‘सिद्धार्थ’ से करियर शुरू किया था, जिसमें उन्होंने अपने पिता के साथ काम किया था। फिर उन्होंने श्याम बनेगल की ‘जुनून’ में काम किया और इस्माइल श्रॉफ की 1981 में आई रोमांटिक फिल्म ‘अहिस्ता-अहिस्ता’ में भी काम किया।
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