
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।
वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को यह साफ करने से इनकार कर दिया कि क्या उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की है। यह सवाल तब उठा जब अमेरिकी सेनाओं ने अटलांटिक महासागर में एक रूसी झंडे वाले तेल टैंकर को जब्त कर लिया। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, Fox News पर एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, ‘मैं यह नहीं बताना चाहता, लेकिन सच यह है कि रूसी जहाजों में एक पनडुब्बी और एक विध्वंसक जहाज भी शामिल था। हमारे पहुंचते ही वे जल्दबाजी में वहां से चले गए और हमने जहाज पर कब्जा कर लिया। अब उसमें से तेल निकाला जा रहा है।’
‘जब्ती के समय टैंकर में कोई तेल नहीं था’
अमेरिकी सेनाओं ने बुधवार को हाई सीज पर हफ्तों की पीछा करने के बाद इस टैंकर पर चढ़ाई की और इसे जब्त कर लिया। इस कार्रवाई के बाद रूस के साथ तनाव बढ़ गया है और मॉस्को ने अमेरिका के खिलाफ सख्त टिप्पणी की है। ट्रंप ने दावा किया कि जहाज से तेल उतारा जा रहा है, लेकिन एनालिटिक्स फर्म केप्लर के अनुसार, जब्ती के समय टैंकर में कोई तेल नहीं था। यह पुराना टैंकर पहले बेला 1 नाम से जाना जाता था। इसे 2024 में अमेरिका ने प्रतिबंधित किया था क्योंकि यह ईरानी तेल की अवैध ढुलाई करने वाली ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा था।
बाद में टैंकर ने पेंट किया था रूसी झंडा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले महीने अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इसे वेनेजुएला जाते समय जब्त करने की कोशिश की, जहां यह तेल लोड करने जा रहा था। तब यह गयाना के झंडे तले चल रहा था। बाद में यह टैंकर अचानक अटलांटिक की ओर मुड़ गया। कुछ समय बाद टैंकर के चालक दल ने जहाज के किनारे पर रूसी झंडा पेंट कर दिया और इसे रूसी शिपिंग रजिस्ट्री में नए नाम मारिनेरा से दर्ज कराया। ऑपरेशन के दौरान, व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने रूस से टकराव के खतरे को कम करके बताया और कहा कि ट्रंप का पुतिन से अच्छा रिश्ता है।
टैंकर की जब्ती में यूके ने भी दिया साथ
शिप-ट्रैकिंग वेबसाइट मरीनट्रैफिक के अनुसार, टैंकर को आइसलैंड के दक्षिणी तट से करीब 190 मील दूर उत्तर अटलांटिक में जब्त किया गया था। डेटा से पता चला कि जब्ती के समय जहाज ने तेजी से दक्षिण की ओर मोड़ लिया था। रूस के परिवहन मंत्रालय ने पुष्टि की कि अमेरिकी सेनाओं द्वारा जहाज पर चढ़ाई के बाद सुबह 7 बजे जहाज से संपर्क टूट गया। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्रवाई में अमेरिकी नेवी सील्स शामिल थे। यूके के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने अमेरिका की अपील पर टैंकर की जब्ती में मदद की।