विदेशी बाजारों में चांदी की चमक बरकरार रही। - India TV Paisa

Photo:FREEPIK विदेशी बाजारों में चांदी की चमक बरकरार रही।

राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। चांदी ₹6,000 की उछाल के साथ अब तक के सर्वकालिक स्तर ₹2,71,000 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि सोना भी नई रिकॉर्ड ऊंचाई छूते हुए ₹1,45,000 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। स्टॉकिस्टों की सतत खरीदारी और सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मजबूत मांग ने इस तेजी को बल दिया। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, चांदी ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में मजबूती दर्ज की। मंगलवार को इसमें 2.3 प्रतिशत या ₹6,000 की तेजी आई और यह सभी टैक्स सहित ₹2,71,000 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

बीते सत्र में चांदी 15000 रुपये हुई थी महंगी

इससे पहले सोमवार को चांदी में ₹15,000 यानी 6 प्रतिशत की जोरदार छलांग देखने को मिली थी, जब यह शुक्रवार के ₹2,50,000 प्रति किलो के बंद भाव से उछलकर ₹2,65,000 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। मौजूदा तेजी के साथ, बीते तीन कारोबारी सत्रों में चांदी की कीमतें कुल ₹21,000 यानी 8.4 प्रतिशत बढ़ चुकी हैं। वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक चांदी में ₹32,000 यानी 13.4 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को इसका भाव ₹2,39,000 प्रति किलोग्राम था।

सोने का भाव भी चढ़ा

99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना भी मंगलवार को ₹400 की बढ़त के साथ ₹1,45,000 प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में सोना ₹2,900 चढ़कर ₹1,44,600 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं में जोरदार मांग बनी हुई है।

कीमती धातुओं में रिकॉर्ड तोड़ तेजी का सिलसिला जारी 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) सौमिल गांधी ने कहा कि कीमती धातुओं में रिकॉर्ड तोड़ तेजी का सिलसिला जारी है। लंबे समय से चले आ रहे भू-राजनीतिक तनाव, खासकर ईरान से जुड़ी ताजा चिंताओं ने सुरक्षित निवेश की मांग को मजबूती दी है, जिससे बुलियन बाजार में तेजी बनी हुई है। वैश्विक बाजारों में हालांकि मुनाफावसूली का असर दिखा। स्पॉट गोल्ड मंगलवार को 10.93 डॉलर या 0.24 फीसदी की गिरावट के साथ 4,586.49 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि सोमवार को यह 4,630.47 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंचा था।

स्पॉट गोल्ड फिलहाल अपने लाभ समेट रहा

मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटीज प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा कि तेज रैली के बाद स्पॉट गोल्ड फिलहाल अपने लाभ को समेट रहा है। भू-राजनीतिक चिंताओं और फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर बढ़ती आशंकाओं के बीच सोमवार को सोने ने नया रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने आगे बताया कि पूर्व फेड चेयरमैन, ट्रेजरी सेक्रेटरी और अर्थशास्त्रियों के एक समूह द्वारा फेड चेयर जेरोम पॉवेल के खिलाफ न्याय विभाग की जांच की आलोचना करते हुए जारी संयुक्त बयान से केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को लेकर आशंकाएं कुछ हद तक कम हुई हैं, जिसके चलते सोने में मुनाफावसूली देखने को मिली।

स्पॉट सिल्वर की चमक बरकरार 

विदेशी बाजारों में चांदी की चमक बरकरार रही। स्पॉट सिल्वर 0.58 फीसदी की तेजी के साथ 85.64 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। इससे पहले सोमवार को चांदी 6.3 डॉलर यानी 7.9 फीसदी उछलकर 86.26 डॉलर प्रति औंस के नए शिखर पर पहुंच गई थी। लेमोन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा कि कमोडिटी बाजार में चांदी बढ़त का नेतृत्व कर रही है और यह करीब 86.60 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच चुकी है। मजबूत निवेश मांग और तकनीकी मजबूती ने इसकी तेजी को और बल दिया है।”

विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स का प्रतिरोध स्तरों के आसपास कारोबार करना भी बुलियन कीमतों के लिए सहायक साबित हो रहा है। अब बाजार की नजर अमेरिका के उपभोक्ता महंगाई और नए घरों की बिक्री से जुड़े आंकड़ों पर टिकी है, जो आगे फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और अल्पकालिक रूप से सोने-चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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