jana nayagan thalapathy vijay- India TV Hindi
Image Source : PRESS KIT
थलापति विजय।

विजय की तमिल फिल्म ‘जन नायकन’ उनके फिल्मी करियर की आखिरी फिल्म है। इसके बाद एक्टर अपने फिल्मी करियर को खत्म कर राजनीति में पूरी तरह उतर जाएंगे। फिलहाल वो एक्टिंग के साथ राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन अब उनकी आखिरी फिल्म को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। फिल्म की रिलीज लगातार टल रही है। पहले सेंसर बोर्ड से उन्हें सर्टिफिकेट नहीं मिला और फिर मामला कोर्ट में जा पहुंचा। हाई कोर्ट में राहत नहीं मिलने के बाद विजय ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसकी सुनवाई आज हुई है और उन्हें सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ा झटका लगा है।

कब होगी अगली सुनवाई?

कोर्ट ने उन्हें कोई राहत देने से मना कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला 20 जनवरी को सुनवाई के लिए हाई कोर्ट में लिस्टेड है और निर्देश दिया कि उसी दिन इस पर फैसला सुनाया जाए। याचिका में फिल्म को ‘ए’ सर्टिफिकेट देने के फैसले को चुनौती दी गई थी। यह आदेश जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए जी मसीह की बेंच ने दिया है। ऐसे में अब अगली सुनवाई में ही कोई फैसला सामने आएगा। बता दें, पहले 19 जनवरी को सुनवाई होनी थी और फिर तय हुआ कि इस मामले में सुनवाई 15 जनवरी को ही होगी।

क्या है विजय के पास चारा?

हाई कोर्ट में ‘जन नायकन’ को राहत नहीं मिलने के बाद विजय के पास सुरप्रीम कोर्ट में याचिका दायर का दरवाजा खुला था और ऐसा ही उन्होंने किया भी, वो भी उन उम्मीदों के साथ की वहां उनको राहत मिलना तय है, लेकिन फैसला इसके विपरीत आया। अब विजय के पास कोई दूसरा चारा नहीं है। उन्हें सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई का इंतजार करना पड़ेगा और उस दौरान आया फैसला ही निर्णायक होगा।

इस दिन रिलीज होनी थी फिल्म

‘जना नायकन’, विजय के राजनीति में पूरी तरह से आने से पहले उनकी आखिरी फिल्म के तौर पर खूब प्रचारित की जा रहा है। 9 जनवरी को पोंगल पर रिलीज होने वाली थी। हालांकि CBFC द्वारा समय पर सर्टिफिकेशन जारी न करने के बाद फिल्म आखिरी समय में मुश्किलों में फंस गई। इससे पहले जज ने CBFC को फिल्म को क्लियरेंस देने का निर्देश दिया था और फिल्म बोर्ड के मामले को रिव्यू कमेटी के पास भेजने के निर्देश को खारिज कर दिया था। जज ने कहा कि एक बार जब बोर्ड ने सर्टिफिकेट देने का फैसला कर लिया था तो चेयरपर्सन के पास मामले को रिव्यू कमेटी के पास भेजने का कोई अधिकार नहीं था।

6 जनवरी को सीबीएफसी ने भेजा था पत्र

फिल्म बोर्ड ने तुरंत इस आदेश के खिलाफ अपील की। ​​एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एआरएल सुंदरेशन और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए) ने डिवीजन बेंच के सामने अपील के आधार बताए। CBFC ने 6 जनवरी को लेटर फिल्म के प्रोड्यूसर के पास भेजा था। इसमें बताया गया था कि मामला रिव्यू कमेटी को भेजा गया है, उसे बिल्कुल भी चुनौती नहीं दी गई थी, लेकिन सिंगल जज ने उस लेटर को रद्द कर दिया और ऊपर दिया गया निर्देश दिया। अपने आदेश में डिवीजन बेंच ने कहा कि याचिका 6 जनवरी को दायर की गई थी और CBFC को अपना जवाब दाखिल करने का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया। ऐसे में फिल्म की रिलीज टल गई थी।

ये भी पढ़ें: ‘धुरंधर’ और ‘द राजा साब’ की आंधी के बीच आई तगड़ी फिल्म, 11 दिन में कर दी बजट से 5 गुना कमाई, IMDb रेटिंग भी 9.5

ग्लैमरस डॉल हैं करण औजला की पत्नी, 10 साल चली आशिकी, सिंगर कहलाने लगे नंबर 1 लवर बॉय, अब लगा चीटिंग का आरोप

Latest Bollywood News





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version