
डोनाल्ड ट्रंप
Saudi Arabia Response To America: ईरान पर हमला करने की धमकी देने वाले अमेरिका को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। संयुक्त अरब अमीरात के बाद सऊदी अरब ने भी ईरान पर हमले की स्थिति में अपना रुख साफ कर दिया है। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने फोन कॉल पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से बात की है। बातचीत के दौरान पेजेश्कियन ने कहा कि किंगडम ईरान के खिलाफ किसी भी मिलिट्री कार्रवाई के लिए अपने एयरस्पेस या इलाके का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देगा।
‘सऊदी अरब करता है ईरान की संप्रभुता का सम्मान’
अरब न्यूज के मुताबिक क्राउन प्रिंस ने पेजेश्कियन से कहा कि सऊदी अरब ईरान की संप्रभुता का सम्मान करता है और ऐसे किसी भी प्रयास का समर्थन करता है जो बातचीत के जरिए विवादों को इस तरह से सुलझाए जिससे क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बढ़े। राष्ट्रपति ने ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने में किंगडम के रुख के लिए आभार व्यक्त किया और क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता हासिल करने के प्रयासों के लिए क्राउन प्रिंस को धन्यवाद दिया।
‘अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करता है ईरान’
इससे पहले, ईरानी मीडिया ने पेजेश्कियन के हवाले से बताया था कि तेहरान हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करता है और इसके दायरे में किसी भी ऐसी प्रक्रिया का स्वागत करता है जो युद्ध को रोकती है। पेजेश्कियन ने प्रिंस मोहम्मद से यह भी कहा कि इस्लामिक देशों की एकता और एकजुटता क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा, स्थिरता और शांति की गारंटी दे सकती है।
Aircraft Carrier USS Abraham Lincoln
अमेरिका ईरान पर करेगा हमला?
गौरतलब है कि, ईरान के खिलाफ अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और युद्धपोत मध्य पूर्व क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, इन युद्धपोतों को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चल रहे अभियानों से हटाकर मध्य पूर्व भेजा गया है। इससे अटकलें और तेज हो गई हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेहरान पर हमले का आदेश दे सकते हैं। यह तैनाती क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई बताई जा रही है, लेकिन इससे अमेरिका के पास ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के विकल्प उपलब्ध हो गए हैं। ट्रंप ने भी कहा है कि वो स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई कर सकते हैं। ट्रंप ने यह भी कहा है कि शायद इसकी जरूरत ना पड़े।
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