
पार्थ पवार को बड़ी राहत।
पुणे लैंड डील घोटाले के मामले में दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार को बड़ी राहत मिली है। इस घोटाले के मामले में राज्य पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने दायर की चार्जशीट; प्राथमिक जांच में कहीं भी पार्थ पवार का नाम नहीं आया है।
पुणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने पुणे के मुंढ़वा में 40 एकड़ जमीन के सौदे से संबंधित 1,886 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें कहा गया है कि पावर ऑफ अटॉर्नी (पीओए) धारक शीतल तेजवानी (44) ने यह जानते हुए भी कि जमीन का यह टुकड़ा राज्य सरकार के स्वामित्व में है, अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी के साथ बिक्री विलेख निष्पादित किया।
दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बेटे पार्थ, अमाडिया एंटरप्राइजेज में साझेदार हैं, हालांकि एफआईआर में पार्थ का नाम नहीं है। अमाडिया के एक अन्य साझेदार दिग्विजय अमर सिंह पाटिल और निलंबित तहसीलदार सूर्यकांत येवाले पर भी आरोप लगाए गए हैं। पुणे पुलिस सूत्रों की माने तो अभी इस मामले में आगे जांच जारी है और आवश्यकता पड़ने पर सप्लीमेंट्री चार्ज शीट भी दाखिल की जा सकती है।
