Nahid Islam Head Of National Citizen Party (On Screen)- India TV Hindi
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Nahid Islam Head Of National Citizen Party (On Screen)

Bangladesh National Citizen Party: बांग्लादेश में चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो गया है। 12 फरवरी को यहां मतदान होना है। वैसे देखा जाए तो बांग्लादेश की सियासत इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। लंबे वक्त तक सत्ता में रही अवामी लीग पर बैन लग चुका है और वह चुनाव नहीं लड़ सकती है। शेख हसीना के राजनीतिक भविष्य पर सवाल भी है ऐसे में विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के साथ-साथ देश में नई राजनीतिक ताकतें भी उभरी हैं। नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) इसमें सबसे बड़ा नाम है। यह युवाओं से जुड़ी पार्टी है और इससे जुड़े छात्र नेता खुद को पारंपरिक राजनीति से अलग जन आंदोलन की उपज बताते हैं। आने वाले बांग्लादेश चुनावों में इस नए सियासी दल की ताकत भी देखने को मिलेगी।

अवामी लीग और BNP के इर्द-गिर्द रही सियासत

बात पिछले एक दशक की करें तो बांग्लादेश की राजनीति मुख्य रूप से 2 ध्रुवों अवामी लीग और BNP के इर्द-गिर्द घूमती रही है। चुनावों में निष्पक्षता, कमजोर विपक्ष, मीडिया की स्वतंत्रता और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी का नतीजा रहा कि छात्रों, युवाओं और शहरी मध्यम वर्ग के भीतर यह भावना मजबूत हुई कि पुरानी पार्टियां जनता की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करने में विफल रही हैं। इसी असंतोष ने नई राजनीतिक धारा के लिए जमीन तैयार की जो अब अपनी जड़े मजबूत कर रही है।

NCP, एक नई सियासी ताकत

नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) का उदय पारंपरिक राजनीतिक दलों से अलग हुआ है। यह पार्टी खुद को ना तो अवामी लीग की उत्तराधिकारी मानती है और ना ही BNP से कोई रिश्ता बताती है। NCP का दावा है कि यह छात्र आंदोलनों, नागरिक अधिकार अभियानों और भ्रष्टाचार विरोधी संघर्षों से निकली पार्टी है। NCP की विचारधारा लोकतांत्रिक सुधार, निष्पक्ष चुनाव, प्रशासनिक पारदर्शिता और सत्ता के विकेंद्रीकरण पर केंद्रित बताई जाती है। पार्टी का जोर इस बात पर है कि बांग्लादेश को व्यक्ति केंद्रित राजनीति से निकालकर संस्थागत लोकतंत्र की ओर ले जाया जाए।

राजनीति का नया चेहरा 

नेशनल सिटिजन पार्टी की सबसे बड़ी पहचान उसके छात्र नेता हैं। बांग्लादेश में छात्र राजनीति हमेशा से प्रभावशाली रही है। अवामी लीग की छात्र शाखा ‘छात्र लीग’ और BNP समर्थित ‘छात्र दल’ दशकों से कैंपस राजनीति पर हावी रहे हैं। लेकिन इन संगठनों पर हिंसा, जबरन वसूली और सत्ता की दलाली के आरोप भी लगते रहे हैं। ऐसे में NCP के छात्र नेता खुद को स्वतंत्र विचारों से प्रेरित बताते हैं। ये नेता शिक्षा सुधार, बेरोजगारी, महंगाई, अभिव्यक्ति की आजादी और डिजिटल अधिकार जैसे मुद्दों को राजनीति के केंद्र में लाने की बात करते हैं।

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Bangladesh National Citizen Party Supporters

आंदोलन से चुनाव की ओर चले छात्र

हाल के वर्षों में बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी आंदोलन, शिक्षा बजट को लेकर प्रदर्शन और मानवाधिकार से जुड़े छात्र आंदोलनों ने बड़े पैमाने पर युवाओं को जोड़ा है। इन्हीं आंदोलनों से निकले कई चेहरे आज NCP के मंच पर सक्रिय हैं। इसके नेताओं का तर्क है कि सड़क से संसद तक का रास्ता अब खुद छात्रों को तय करना होगा। उनका मानना है कि अगर आंदोलन सिर्फ विरोध तक सीमित रहे, तो सत्ता संरचना नहीं बदलेगी। यही सोच उन्हें चुनावी राजनीति की ओर ले गई है।

NCP की चुनावी रणनीति

बांग्लादेश में होने वाले चुनाव में नेशनल सिटिजन पार्टी खुद को एक विकल्प के रूप पेश कर रही है। पार्टी की रणनीति मुख्य रूप से 3 वर्गों पर केंद्रित है। ये वर्ग हैं युवा और छात्र, शहरी मध्यम वर्ग, राजनीति से निराश नागरिक। NCP ने सोशल मीडिया, डिजिटल कैंपेन और जनसभाओं के जरिये पारंपरिक दलों की तुलना में अलग तरीके से प्रचार किया है। पार्टी ने बड़े नेताओं की जगह स्थानीय मुद्दों और स्थानीय चेहरों पर जोर दिया है।

चुनौतियां भी कम नहीं

नेशनल सिटिजन पार्टी को लेकर लोगों में खासा उत्साह भी देखने को मिला है। लेकिनइनकी चुनौतियां भी कम नहीं रही हैं। सबसे बड़ी चुनौती है संगठनात्मक ढांचे की कमी थी। NCP अभी शुरुआती दौर में है और आलोचक यह भी कहते हैं कि छात्र नेताओं का अनुभव आंदोलन तक सीमित है, शासन चलाना अलग बात है।

बांग्लादेशी में लिखा जाएगा नया सियासी अध्याय?

वैसे अगर नेशनल सिटिजन पार्टी चुनावों में प्रभावी प्रदर्शन करती है तो यह बांग्लादेश के लोकतंत्र के लिए एक बड़ा मोड़ होगा। इससे संसद में नई आवाज पहुंचेगी और पुरानी पार्टियों पर सुधार का दबाव बढ़ेगा। हो सकता है  NCP सत्ता में ना आए लेकिन एक बात तो तय है कि उसका मजबूत प्रदर्शन राजनीतिक विमर्श को बदल सकता है। बांग्लादेश का आगामी चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन सीमित नहीं है। यह इस बात की भी परीक्षा है कि क्या देश की राजनीति नई पीढ़ी और नए विचारों के लिए जगह बना सकती है। NCP और छात्र नेताओं का उभार इस बदलाव की उम्मीद जगाता है। हालांकि रास्ता कठिन है, लेकिन अगर यह प्रयोग सफल होता है, तो बांग्लादेश की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा जा सकता है।

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NCP से जुड़े प्रमुख नेता 

नाहिद इस्लाम

नाहिद इस्लाम को NCP से जुड़े सबसे चर्चित युवा नेताओं में गिना जाता है। नाहिद पहले छात्र आंदोलनों के दौरान मुखर आवाज के रूप में सामने आए और बाद में राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हुए। नाहिद इस्लाम ने लोकतांत्रिक सुधार, निष्पक्ष चुनाव और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को अपने राजनीतिक एजेंडे का केंद्र बनाया है। शहरी युवाओं और विश्वविद्यालय परिसरों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।

आसिफ महमूद

आसिफ महमूद छात्र राजनीति से निकलकर NCP के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने वाले चेहरों में शामिल हैं। मगमूद जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने और नागरिक आंदोलनों को राजनीतिक मंच देने की रणनीति के लिए जाने जाते हैं। पार्टी के भीतर उन्हें रणनीतिक सोच रखने वाला नेता माना जाता है।

हसनात अब्दुल्लाह

हसनात अब्दुल्लाह उन छात्र नेताओं में रहे हैं जिन्होंने सरकार विरोधी आंदोलनों के दौरान खुलकर नेतृत्व किया। NCP में उनकी भूमिका एक आंदोलनकारी से राजनीतिक प्रतिनिधि की है। वो बार-बार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि बांग्लादेश को ‘डर की राजनीति’ से बाहर निकालना जरूरी है।

NCP में है सभी की भागीदारी

यहां ध्यान देने वाली बात यह भी है कि NCP किसी एक चेहरे पर निर्भर पार्टी बनने की कोशिश नहीं कर रही है। इसमें कई युवा समन्वयक और प्रवक्ता उभरे हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों जैसे मानवाधिकार, शिक्षा, श्रम और डिजिटल स्वतंत्रता पर काम कर रहे हैं। ये नेता पार्टी को सामूहिक नेतृत्व की दिशा में ले जाने का दावा करते हैं। NCP में केवल छात्र नेता ही नहीं बल्कि वकील, मानवाधिकार कार्यकर्ता, स्वतंत्र पत्रकार जैसे लोग भी शामिल हैं, जो पहले किसी बड़ी पार्टी का हिस्सा नहीं रहे। यही वजह है कि NCP खुद को नागरिकों से जुडी पार्टी बताती है।

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