शेयर बाजार हुआ क्रैश!- India TV Paisa

Photo:ANI शेयर बाजार हुआ क्रैश!

वैश्विक बाजारों से आए कमजोर संकेतों ने शुक्रवार सुबह भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत को झकझोर दिया। खुलते ही बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 755 अंकों की गिरावट के साथ 82,919 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 223 अंक टूटकर 25,583 के नीचे फिसल गया। शुरुआती कारोबार में बाजार की चौड़ाई बेहद कमजोर रही, जिससे निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया।

इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर में तेज बिकवाली रही। इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और विप्रो जैसे दिग्गज शेयर लाल निशान में रहे। अमेरिकी बाजारों में AI शेयरों में आई बिकवाली और एंथ्रोपिक शॉक की आशंकाओं ने भारतीय आईटी कंपनियों पर दबाव बढ़ा दिया। चूंकि आईटी सेक्टर भारत इंक का दूसरा सबसे बड़ा मुनाफा पूल है, इसलिए इसमें गिरावट का असर पूरे बाजार पर पड़ा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल घबराकर बिकवाली करना सही रणनीति नहीं हो सकती। असली प्रभाव का आकलन अभी बाकी है।

अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेत

अमेरिका के नैस्डैक में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट ने वैश्विक निवेशकों का मनोबल कमजोर किया। हालांकि इसे क्रैश नहीं कहा जा सकता, लेकिन अगर वहां गिरावट का रुख जारी रहता है, तो इसका असर उभरते बाजारों पर भी दिख सकता है। दिलचस्प बात यह है कि पिछले साल की वैश्विक तेजी AI थीम पर आधारित थी, जिसमें भारत ज्यादा भागीदारी नहीं कर पाया। ऐसे में अगर AI ट्रेड में ठंडक आती है, तो लंबी अवधि में यह भारत के लिए सकारात्मक भी साबित हो सकता है।

किन शेयरों पर रहेगी नजर?

आज के कारोबार में कोल इंडिया, ओएनजीसी, हिंडाल्को, इंद्रप्रस्थ गैस, बायोकॉन, इंडियन होटल्स, मुथूट फाइनेंस, पीआई इंडस्ट्रीज, आईआरसीटीसी और पेट्रोनेट एलएनजी जैसे शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। इसके अलावा जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स को 615 करोड़ रुपये का नया प्रोजेक्ट मिला है, जबकि AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के एमडी और सीईओ की पुनर्नियुक्ति को आरबीआई की मंजूरी मिली है। वहीं, गेल इंडिया में नए चेयरमैन की नियुक्ति भी चर्चा में है।

क्या करें निवेशक?

विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की इस उथल-पुथल को अवसर के रूप में देखा जा सकता है। खासकर वे अच्छे क्वालिटी वाले ग्रोथ स्टॉक्स, जिन्होंने तीसरी तिमाही में मजबूत नतीजे दिए हैं, निवेश के लिहाज से अट्रैक्टिव हो सकते हैं। ऑटो सेक्टर में मजबूती बरकरार रहने की उम्मीद है।

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