चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग- India TV Hindi
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग

Bangladesh Elections China Reaction: चीन ने बांग्लादेश में हाल ही में संपन्न संसदीय चुनावों की सुचारु और शांतिपूर्ण प्रक्रिया की सराहना की है। शुक्रवार को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि चीन ने देखा है कि बांग्लादेश में आम चुनाव सुचारु रूप से संपन्न हुए और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को भारी बहुमत प्राप्त हुआ है। उन्होंने बांग्लादेश के घरेलू राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने में उसका समर्थन करने की बात भी दोहराई। 

क्या बोले चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता?

लिन जियान ने स्पष्ट किया कि चीन दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक सहयोगात्मक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि बीजिंग बांग्लादेश के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक है, ताकि दोनों पक्षों के बीच व्यावहारिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को गहरा किया जा सके।

BNP को मिली बंपर जीत

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता यह बयान ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को हुए 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनावों में BNP ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। BNP ने लगभग 209 सीटें जीती हैं, जबकि उसकी प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन को करीब 68-77 सीटें मिली हैं। यह जीत BNP के लिए 2 दशकों के बाद सत्ता में वापसी का प्रतीक है। पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे।

चीन बांग्लादेश में कर रहा है निवेश

यह चुनाव 2024 में छात्र नेतृत्व वाले हिंसक आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद हुए पहले बड़े चुनाव थे। उस आंदोलन के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने देश को चुनाव की ओर ले जाने का काम किया। अंतरिम सरकार ने बीजिंग के साथ संबंधों को मजबूत करने और अधिक चीनी निवेश आकर्षित करने के प्रयास किए थे। चीन बांग्लादेश का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत कई परियोजनाओं में निवेश कर रहा है।

BNP ने दिए किस तरह के संकेत

BNP ने पहले ही संकेत दिया है कि वह चीन के साथ संबंधों को और गहरा करेगी, क्योंकि चीन बांग्लादेश का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। नई सरकार के सामने आर्थिक स्थिरता, सुधार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को संतुलित करने की चुनौती होगी। चुनाव को बांग्लादेश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अवामी लीग की भागीदारी ना होने से कुछ विवाद भी रहे। चीन का यह बयान नई सरकार के साथ मजबूत साझेदारी की इच्छा को दर्शाता है। दोनों देशों के बीच पहले से ही रणनीतिक सहयोग है, जिसमें बुनियादी ढांचा, व्यापार और निवेश शामिल हैं। 

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