
सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सेवा तीर्थ परिसर का उद्घाटन किया। इस नये परिसर में अब प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय काम करेंगे। पीएम मोदी का ऑफिस रायसीना हिल पर राष्ट्रपति भवन के पास पुरानी साउथ ब्लॉक इमारत से यहां शिफ्ट हो गया है। यह बदलाव ठीक उसी दिन हुआ जब 1931 में नई दिल्ली को भारत की आधुनिक राजधानी बनाने का औपचारिक उद्घाटन हुए 95 साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर पीएम मोदी ने किसानों, नौजवानों और महिलाओं के हित से जुड़े कई अहम फैसले लिए।
भगवान गणेश की मूर्ति पर चढ़ाई माला
बता दें कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और जितेंद्र सिंह के साथ PMO के टॉप अधिकारियों को लेकर सेवा तीर्थ परिसर पहुंचे और इसका उद्घाटन किया। यहां PMO, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय होंगे। पीएम मोदी ने अपने नए दफ्तर में भगवान गणेश की मूर्ति पर माला चढ़ाई। इसके बाद उन्होंने महिलाओं, किसानों, युवाओं और कमजोर वर्ग के कल्याण के लिए कई अहम फैसले लिए। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवल, PMO में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह, प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा और शक्तिकांत दास समेत बड़े अधिकारियों के सामने प्रधानमंत्री ने कई अहम फाइलों पर साइन किए।
PM मोदी ने लिए ये 4 बड़े फैसले
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नए दफ्तर में पहले ही दिन 4 बडे़ फैसले लिए। आइए, आपको एक-एक करके इन फैसलों के बारे में बताते हैं।
- PM राहत योजना: यह आज प्रधानमंत्री द्वारा लिए गए सबसे अहम फैसलों में शामिल है। PM राहत योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि तत्काल चिकित्सा सहायता न मिलने के कारण किसी की जान न जाए।
- लखपति दीदियों का नया लक्ष्य: सरकार ने मार्च 2027 की समयसीमा से एक साल से भी अधिक पहले 3 करोड़ लखपति दीदियों का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। प्रधानमंत्री ने अब मार्च 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदियों का एक नया, महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
- किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी के रूप में कृषि अवसंरचना निधि को दोगुना करके 2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य भारत की संपूर्ण कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना है।
- स्टार्टअप के लिए 10,000 करोड़ रुपये: भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को, विशेष रूप से डीप टेक, अडवॉन्स्ड मैन्युफैक्चरिंग और ग्राउंडब्रेकिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में, सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ ‘स्टार्टअप इंडिया एफओएफ 2.0’ को मंजूरी दी है।
नए नाम के साथ दिया गया है नया संदेश
उद्घाटन से पहले मोदी जी ने नए परिसर में ‘सेवा तीर्थ’ की पट्टिका का अनावरण किया। यह नाम देवनागरी लिपि में परिसर की दीवार पर अंकित है। इसके नीचे ‘नागरिक देवो भव’ का आदर्श वाक्य लिखा है। अधिकारियों ने बताया कि 2014 से मोदी सरकार भारत के औपनिवेशिक अतीत से जुड़े प्रतीकों से दूर जाने और मानसिकता में बदलाव लाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय को अब सेवा तीर्थ कहा जाएगा, केंद्रीय सचिवालय भवनों का नाम कर्तव्य भवन रखा गया है और राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया गया है। इसी क्रम में रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया जा चुका है, जहां प्रधानमंत्री का आवास स्थित है।
