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एनएमसीएच

पटना: बिहार के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शख्स पिछले कुछ दिनों से फर्जी डॉक्टर बनकर एनेस्थीसिया विभाग में ड्यूटी कर रहा था। शनिवार को अस्पताल प्रशासन की सतर्कता से इस ‘मुन्नाभाई’ का भंडाफोड़ हुआ, जिसके बाद उसे पटना पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

अस्पताल के कर्मचारियों को हुआ संदेह

जानकारी के मुताबिक एनएमसीएच के एनेस्थीसिया विभाग में पिछले कुछ दिनों से एक व्यक्ति डॉक्टर के रूप में कार्य कर रहा था। वह मरीजों की जांच कर रहा था और खुद को अधिकृत चिकित्सक बता रहा था। संदेह तब पैदा हुआ जब अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने उसके व्यवहार और दस्तावेजों को लेकर सवाल उठाए। जांच के दौरान उसके शैक्षणिक प्रमाण पत्र और नियुक्ति संबंधी कागजात संदिग्ध पाए गए।

प्रभारी अधीक्षक ने कराई आंतरिक जांच

मामला संज्ञान में आते ही अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार ने तुरंत आंतरिक जांच कराई। जांच में पता चला कि संबंधित व्यक्ति का नाम अधिकृत ड्यूटी रोस्टर में दर्ज नहीं था। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने बिना देर किए इस मामले की जानकारी आलमगंज थाना और नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में स्थित टीओपी प्रभारी को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछता शुरू कर दिया है।

दस्तावेजों की सत्यता की जांच

इस संबंध में अस्पताल प्रशासन ने आलमगंज थाना में लिखित आवेदन देकर आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि वह अस्पताल में कैसे प्रवेश कर पाया और किसकी मिलीभगत से वह डॉक्टर बनकर काम कर रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने खुद को किसी अन्य राज्य के मेडिकल कॉलेज से पास आउट बताया था, लेकिन उसके दावों की पुष्टि नहीं हो सकी। पुलिस उसके दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर रही है और संबंधित मेडिकल संस्थानों से संपर्क साधा जा रहा है।

सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं

अस्पताल प्रबंधन ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा है कि मरीजों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाएं फिर न हों इसलिए पहचान और नियुक्ति प्रक्रिया को और सख्त करने की बात कही गई है। फिलहाल पुलिस मामले की तह तक जाने में जुटी है। यदि आरोप साबित होते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया जा सकता है। इस घटना से अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रभारी अधीक्षक ने क्या बताया?

पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक संतोष कुमार से इंडिया टीवी के संवाददाता ने मोबाइल से संपर्क कर पूरी जानकारी ली। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति को फर्जी तरीके से डॉक्टर बनकर ड्यूटी करते हुए शनिवार को पकड़ कर पटना पुलिस के हवाले किया गया है। आलमगंज थाना अध्यक्ष को लिखित आवेदन देकर फर्जी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आवेदन दिया गया है। वहीं आलमगंज थाना अध्यक्ष राहुल ठाकुर ने बताया है कि नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन की तरफ से एक लिखित आवेदन मिला है ,फर्जी व्यक्ति डॉक्टर से पूछताछ की जा रही है। गौरतलब है कि नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चूहे द्वारा आंख गायब करने का मामला सामने आया था जिसकी जांच अभी तक चल ही रही है। आज तक आंख  गायब करने का खुलासा पटना पुलिस नहीं कर पाई है  अब दूसरा मामला फर्जी डॉक्टर का निकला है ।

रिपोर्ट-बिट्टू कुमार, पटना





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