
दृष्टिबाधित क्रिकेटर
BCCI ने भारतीय क्रिकेट में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए बड़ी पहल की है। अब मैदान पर उनका संघर्ष और सपनों की उड़ान और मजबूत होने जा रही है, क्योंकि बोर्ड ने क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया (CABI) को स्ट्रक्चर्ड सपोर्ट देने की आधिकारिक घोषणा की है। BCCI ने पुरुष और महिला दोनों टीमों के लिए इंटरनेशनल एक्सपोजर, घरेलू सीरीज के आयोजन में सहयोग और स्टेडियम की सुविधा देने का फैसला किया है। यह फैसला भारत में समावेशी क्रिकेट को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
ब्लाइंड टीमों को मिलेगी खास सुविधा
क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया की टीमें पहले ही वैश्विक मंच पर भारत का नाम रोशन कर चुकी हैं। पुरुष टीम ने पिछले कुछ सालों में कई वर्ल्ड चैंपियनशिप अपने नाम की हैं, जबकि महिला टीम ने साल 2025 में खेले गए पहले महिला T20 वर्ल्ड कप फॉर द ब्लाइंड का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया था। इस नई पहल के तहत BCCI हर साल दोनों टीमों को दो विदेशी टूर्नामेंट खेलने के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा की सुविधा देगा। इसके अलावा भारत में आयोजित द्विपक्षीय सीरीज के दौरान घरेलू और मेहमान टीमों के ठहरने की व्यवस्था भी बोर्ड की ओर से की जाएगी। इतना ही नहीं, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए BCCI से संबद्ध स्टेडियम और मैदान भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
BCCI अध्यक्ष ने दिया सपोर्ट का भरोसा
BCCI के अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने कहा कि भारत के दृष्टिबाधित क्रिकेटरों की उपलब्धियां क्रिकेट जगत के लिए बहुत गर्व की बात हैं। इस सपोर्ट फ्रेमवर्क के जरिए, BCCI का मकसद इन एथलीटों के लिए मौके, इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सपोजर को मजबूत करना है। खेल के लिए हमारे विजन में सबको साथ लेकर चलना सबसे अहम है। हमें उम्मीद है कि यह सपोर्ट टीमों को कॉन्फिडेंस के साथ बेहतर करने और कई और लोगों को इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित करने में और मजबूत करेगा। BCCI यह पक्का करने में अपनी भूमिका निभाने के लिए कमिटेड है कि क्रिकेट सभी के लिए एक खेल बना रहे।
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