
हर सीन के साथ बढ़ता जाता है सस्पेंस
सस्पेंस-थ्रिलर एक ऐसा जॉनर है, जिसे देखने वालों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। खासतौर पर ओटीटी की दस्तक के बाद सस्पेंस-थ्रिलर का क्रेजी तेजी से बढ़ा है। दर्शक घर बैठे अपनी टीवी और मोबाइल की स्क्रीन पर अपनी मनपसंद फिल्में और सीरीज देख सकते हैं और वो भी अपनी सहूलियत के हिसाब से। अगर आप भी सस्पेंस-थ्रिलर के फैन हैं और अपनी सहूलियत के हिसाब से कोई फिल्म देखना चाहते हैं तो हम आपको एक ऐसी फिल्म के बारे में बताते हैं, जिसमें सस्पेंस कूट-कूटकर भरा है। खास बात तो ये है कि ये सस्पेंस और रोमांच के मामले में ‘अंधाधुन’ और ‘दृश्यम’ से भी आगे है और आईएमडीबी पर भी इसे तगड़ी रेटिंग मिली है।
असली सीरियल किलर पर बनी फिल्म
2016 में सिनेमाघरों में एक फिल्म रिलीज हुई थी, जो मुंबई के एक सीरियल किलर की जिंदगी पर आधारित थी। हम बात कर रहे हैं 2016 में रिलीज हुई ‘रमन राघव 2.O’ की। ये फिल्म रमन राघव नाम के सीरियल किलर की जिंदगी पर बनी थी, जिसे ‘इंडिया का जैक द रिपर’ कहा जाता था। रमन राघव 1960 के दशक में मुंबई में सक्रिय एक खतरनाक सीरियल किलर था, जिसने 1968 में फुटपाथ पर सो रहे लोगों को लोहे की छड़ से मौत के घाट उतार दिया था। उसने 40 से ज्यादा हत्याएं की थीं। रमन राघव को पैरानॉयड स्किजोफ्रेनिया नाम की मानसिक बीमारी थी, जिसके चलते उसे मिली मौत की सजा उम्रकैद में बदल दी गई और 1995 में उसकी यरवदा जेल में मौत हो गई।
10 साल पुरानी फिल्म का कायम है दबदबा
2016 में रिलीज हुई ‘रमन राघव 2.O’ में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने साइको किलर की भूमिका निभाई थी और उनके साथ विक्की कौशल भी इस फिल्म में लीड रोल में थे। विक्की कौशल ने फिल्म में पुलिसवाले की भूमिका निभाई थी। ये वो समय था जब विक्की इंडस्ट्री में बड़ा नाम नहीं थी। नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने फिल्म में रमन नाम के सीरियल किलर की भूमिका निभाते हुए हर किसी को हैरान कर दिया था। वहीं विक्की के किरदार का नाम एसीपी राघवन था, जो रमन को पकड़ने की कोशिश में रहता है। वहीं शोभिता धुलिपाला भी फिल्म में अहम भूमिका में हैं। फिल्म को आईएमडीबी पर 7.3 रेटिंग मिली है और अगर आप ये फिल्म देखना चाहते हैं तो जी5 और नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं।
कैसी है कहानी
रमन राघव 2.O की कहानी रमन नाम के खौफनाक सीरियल किलर और राघवन नाम के इंस्पेक्टर के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनके बीच चूहे-बिल्ली का खेल चलता रहता है। कहानी में तब बड़ा मोड़ आता है, जब रमन खुद पुलिस के सामने सरेंडर कर देता है और बताता है कि वह अब तक 9 लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। इसके बाद उसे जेल में डाल दिया जाता है, लेकिन वो फरार हो जाता है और फिर अपनी बहन, जीजा और भांजे को बेरहमी से मौत के घाट उतार देता है। इसके बाद फिर महिलाओं को अपना शिकार बनाने की कोशिश में जुट जाता है। इसी खोज में वो राघवन की प्रेमिका सिमी के घर पहुंचता है। यहां उसे दोनों के रिश्ते का पता चलता है और तभी पुलिस मौके पर पहुंच जाती है और रमन भाग निकलता है। क्लाइमैक्स में फिर रमन और राघवन आमने-सामने आते हैं, जहां रमन दावा करता है कि राघवन भी उसी की तरह साइको है।
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