Iran war russia and china- India TV Hindi
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रूस-चीन को लेकर ईरान का बयान। (फाइल फोटो)

अमे्रिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का आज 7वां दिन है। ईरान एक तरफ मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर रहा है। तो दूसरी तरफ इज़रायल पर भी बम बरसा रहा है। ईरान के हमले का जवाब अमेरिका और इज़रायल भी पूरी तरह से दे रहे हैं और तेहरान समेत ईरान के कई हिस्सों में तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। इजरायल और अमेरिका के हमलों में अब तक ईरान के 1400 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री ने रूस और चीन की ओर से मदद को लेकर बड़ा बयान दिया है।

क्या बोले ईरानी विदेश मंत्री?

दरअसल, ईरान पर जारी हमलों के बीच एक रिपोर्टर ने सवाल किया कि क्या रूस और चीन इस युद्ध में सक्रिय रूप से ईरान की मदद कर रहे हैं? इस सवाल के जवाब में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि उन्होंने (रूस और चीन) हमेशा हमारी मदद की है। इसके बाद रिपोर्टर ने पूछा कि क्या इसका मतलब हां है? इस पर अराघची ने जवाब दिया कि मैं युद्ध के बीच में डिटेल नहीं देने जा रहा हूं।

ईरान पर हमले हुए तेज

अमेरिका ने ईरान पर हमले और ज्यादा तेज कर दिए हैं। तेहरान के अलावा सनंदज, बुकान, बुशहर और कजविन शहरों पर जबरदस्त एयर स्ट्राइक की गई है। इजरायल और अमेरिका के हमलों में अब तक ईरान के 1400 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। ईरान में जबरदस्त तबाही हुई है। अमेरिकी एयरफोर्स ने ईरान के मिलिट्री बेस, मिसाइल लॉन्चिंग साइट्स, मिसाइल डिपो, को निशाना बनाया। इन अटैक्स में ईरान की मिसाइल और ड्रोन कैपेसिटी को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है। ईरान की राजधानी तेहरान में अब तक का सबसे बड़ा अटैक हुआ है। IRGC के ठिकानों पर B-2 और B-52 बॉम्बर ने दो-दो हजार पाउंड के बम गिराए गए हैं। तेहरान के सबसे बड़े आजादी फुटबॉल स्टेडियम को भी निशाना बनाया गया। अमेरिकी एयरफोर्स ने सनंदज शहर में IRIB की बिल्डिंग पर बमबारी की, रेडियो और टीवी स्टेशन उड़ा दिए। यज्द में IRGC की बैलिस्टिक मिसाइल साइट को निशाना बनाया।

ईरान के सीमावर्ती इलाकों में भी अमेरिकी फोर्सेज ने बमबारी की है। इन इलाकों में ज्यादातर आबादी कुर्द लोगों की है। यहां ईरान की बॉर्डर पोस्ट और पुलिस चौकियां तबाह कर दिए गए हैं। आज के हमलों के बाद सरहदी इलाकों में ईरान की पकड़ कमजोर हुई है। अब कुर्द लड़ाकों के लिए पश्चिमी ईरान में घुसना आसान होगा। अगर कुर्द लड़ाके ईरान में घुस गए तो ईरान के खिलाफ जमीनी लड़ाई का मोर्चा भी खुल जाएगा। अमेरिकी स्ट्राइक्स के कारण ईरान में पावर और वाटर सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है। ईरान के एनर्जी मिनिस्टर ने कंफर्म किया है कि हमले से बिजली पानी का संकट बढ़ गया है लेकिन ईरान हर परिस्थिति का मुकाबला करने को तैयार हैं। 

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलाइन लैविट ने भी आज दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की 73 परसेंट ड्रोन कैपेसिटी और 86 परसेंट बैलिस्टिक मिसाइल कैपेसिटी खत्म कर दी है। अब ईरान ज्यादा वक्त तक जंग में नहीं टिक पाएगा। कैरोलाइन लैविट ने कहा कि ईरान तो अमेरिका के साथ बातचीत की कोशिश कर रहा है लेकिन अमेरिका ईरान से कोई सीक्रेट नेगोशिएसन नहीं कर रहा है। अमेरिकी फौज के हमले जारी रहेंगे

 

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