
मेटा सीईओ मार्क जुकरबर्ग
फेसबुक की पैरेंट कंपनी Meta में एक बार फिर से छटनियों का दौर शुरू होने वाला है। कंपनी के हेड और CEO मार्क जुकरबर्ग ने इसे लेकर संकेत दिए हैं। साथ ही, कंपनी के सीनियर लीडरशिप को इसके बारे में ब्रीफ भी कर दिया है। ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि इस बार मेटा में यह छटनी 2021-22 में हुई छटनियों से भी बड़ी हो सकती है।
AI का असर
AI के बढ़ते इम्पैक्ट को देखते हुए मेटा बड़ा फैसला लेने जा रहा है। कंपनी दुनियाभर में मौजूद अपने हजारों कर्मचारियों की छुट्टी कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, मार्क जुकरबर्ग भी अन्य बड़ी टेक कंपनियों और स्टार्टअप्स की तरह ही AI में मोटा इन्वेस्टमेंट करने की तैयारी में है। इसके लिए लगातार काम किया जा रहा है।
Meta में इस बड़ी छंटनी का असर कंपनी के कुल 20% वर्कफोर्स पर पड़ेगा। 2025 के दिसंबर तक कंपनी के पास 79 हजार के करीब कर्मचारी थे। इस छंटनी के बाद करीब 15 हजार लोगों की नौकरियां जा सकती हैं। मार्क जकरबर्ग 2028 तक Meta में करीब 600 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 55 लाख करोड़ रुपये निवेश करने वाले हैं। इसे लेकर लोगों की नौकरियों में कटौती की जाएगी।
मार्क जुकरबर्ग ने दिए संकेत
मार्क जकरबर्ग पहले ही कई बार इसे लेकर संकेत दे चुके हैं। Meta CEO ने कई बार सार्वजनिक मंच से कहा है कि AI में वो ताकत है कि वो चीजों को काफी आसान बना देता है। ऐसे में एक बड़ी टीम के बिना भी कई काम किए जा कते हैं। मार्क जकरबर्ग ने जनवरी में भी इसे लेकर कहा था कि जिन प्रोजेक्ट्स के लिए एक बड़ी टीम की जरूरत थी, अब उस काम को एक प्रतिभाशाली शख्स एआई की मदद से कर सकता है।
हजारों लोगों की जाएगी नौकरी
2022 में मेटा ने करीब 11 हजार लोगों को नौकरी से निकाला था। 20% वर्कफोर्स कम करने के बाद कंपनी के करीब 15 हजार कर्मचारी कम हो जाएंगे। मेटा ने उच्च पद पर बैठे कर्मचारियों को इस छंटनी को लेकर जानकारी दे दी है। हालांकि, कंपनी की तरफ से छंटनी को लेकर कोई डेट फिक्स नहीं की गई है। ऐसे में एआई की वजह से एक बड़ी कंपनी के हजारों लोगों की नौकरी पर तलवार लटक रही है।
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