वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को उनके पद से हटा दिया है। यह फैसला जेफ्री एपस्टीन फाइलों के मामले को संभालने के तरीके को लेकर बढ़ते विवाद के बीच लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप पिछले कुछ समय से बॉन्डी के कामकाज से नाराज थे और खासतौर पर एपस्टीन से जुड़े मामलों की हैंडलिंग को लेकर उनकी नाराजगी बढ़ती जा रही थी। ट्रंप ने इस फैसले की घोषणा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर की।
ट्रंप ने कुछ यूं दी बॉन्डी को हटाने की जानकारी
‘Truth Social’ पर ट्रंप ने पाम बॉन्डी को हटाए जाने की जानकारी देते हुए लिखा, ‘पाम एक महान अमेरिकी देशभक्त और मेरी वफादार मित्र रही हैं। उन्होंने पूरे देश में अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की, जिससे हत्याओं की संख्या 1900 के बाद सबसे कम स्तर पर आ गई। हम पाम से बहुत प्यार करते हैं और अब वह प्राइवेट सेक्टर में एक महत्वपूर्ण नई भूमिका निभाएंगी।’ इसके साथ ही ट्रंप ने जानकारी दी कि बॉन्डी के डिप्टी टॉड ब्लांश को कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल बनाया गया है।
क्यों विरोधियों के निशाने पर थीं बॉन्डी?
बता दें कि बॉन्डी ने अपने कार्यकाल की शुरुआत इस वादे के साथ की थी कि वह न्याय विभाग को राजनीति से दूर रखेंगी। हालांकि, बाद में उन्होंने ट्रंप के राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ जांच शुरू की, जिस पर काफी आलोचना हुई। आलोचकों ने आरोप लगाया कि न्याय विभाग का इस्तेमाल राष्ट्रपति के राजनीतिक और निजी हितों के लिए किया जा रहा है। बाद में एपस्टीन फाइल्स से जुड़े मामलों के संभालने के तरीके को लेकर उपजे विवादों के बीच ट्रंप उनके काम करने के स्टाइल से नाराज चल रहे थे।
किन अहम पदों पर रही हैं पाम बॉन्डी?
पाम बॉन्डी अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य की पूर्व अटॉर्नी जनरल रह चुकी हैं और लंबे समय से डोनाल्ड ट्रंप की करीबी सहयोगी मानी जाती हैं। वह ट्रंप के पहले महाभियोग ट्रायल के दौरान उनकी कानूनी टीम का भी हिस्सा थीं। करीब एक साल से अधिक समय तक उन्होंने अमेरिका की अटॉर्नी जनरल के रूप में काम किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध पर नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए, लेकिन उनके फैसलों को लेकर विवाद भी लगातार बना रहा।