Pakistan And Afghanistan Peace Talks: चीन ने शुक्रवार को बताया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे सशस्त्र संघर्ष को समाप्त करने के लिए उसकी मध्यस्थता में जारी बातचीत लगातार आगे बढ़ रही है। यह बयान चीनी शहर उरुमकी में तीनों पक्षों के अधिकारियों की त्रिपक्षीय बैठक के महज 2 दिन बाद आया है, जिससे क्षेत्रीय शांति की दिशा में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। 

चीनी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बीजिंग में नियमित प्रेस वार्ता के दौरान कहा, ‘‘पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच बातचीत की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष अपने सशस्त्र संघर्ष को खत्म करने के लिए एक बार फिर बैठकर बातचीत करने को तैयार हैं। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव हाल के महीनों में काफी बढ़ गया था, जिसके परिणामस्वरूप सीमा क्षेत्रों में हिंसक झड़पें हुईं और सैकड़ों लोगों की जान गई।

चीन ने किए हैं प्रयास

माओ निंग ने आगे बताया कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष के दोबारा बढ़ने के बाद चीन ने अपनी ओर से सक्रिय मध्यस्थता के प्रयास किए हैं। चीन ने कई माध्यमों और विभिन्न स्तरों पर दोनों पक्षों के साथ घनिष्ठ संपर्क बनाए रखा है। साथ ही, दोनों देशों के बीच संवाद के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करने और आवश्यक मंच उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों चीन की मध्यस्थता को महत्व देते हैं और उसका स्वागत करते हैं। दोनों पक्ष फिर से बातचीत की मेज पर बैठने को तैयार हैं, जो एक सकारात्मक विकास है।’’ 

पाकिस्तान-अफगानिस्तान में था तनाव

यह दूसरी बार है जब चीन ने इन 2 पड़ोसी देशों के बीच शांति स्थापना की कोशिश की है। इससे पहले भी बीजिंग ने संघर्षविराम की अपील की थी और सीधी बातचीत पर जोर दिया था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार रहा था। हालांकि, कुछ इस्लामिक देशों की अपील पर पिछले महीने ईद-उल-फितर के दौरान दोनों देशों ने अस्थायी संघर्षविराम का पालन किया था। इस बार की बातचीत में सीमा सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, व्यापार मार्गों को फिर से खोलने और विश्वास बहाली जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। 

जटिल रहे हैं पाकिस्तान-अफगानिस्तान के संबंध

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संबंध लंबे समय से जटिल रहे हैं। 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद दोनों देशों के बीच सीमा विवाद, आतंकवादी गतिविधियों के आरोप-प्रत्यारोप और व्यापारिक रुकावटें बढ़ी हैं। हालिया संघर्ष में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में हवाई हमले किए थे, जबकि अफगानिस्तान ने सीमा पर गोलीबारी की थी। इन घटनाओं से दोनों तरफ सैन्य और नागरिक नुकसान हुआ।

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