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stroke causes in hindi

Stroke Day 2023: ब्रेन स्ट्रोक को लकवा भी कहा जाता है, यह समस्या  अधिकतर 50 वर्ष की आयु के बाद लोगों में देखने को मिलती हैं पर बीते कुछ सालों में 30 से 35 वर्ष के कम उम्र के लोगों में भी ये दिक्कत बढ़ी है। सर्दी के मौसम में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा और अधिक रहता है। ऐसे में आम लोगों के बीच इस बीमारी को लेकर जागरूकता होना और जरूरी हो जाता है। इसलिए हमने ब्रेन स्ट्रोक कैसे होता है, इसके लक्षण क्या है और क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, इन तमाम विषयों पर अलग-अलग डॉक्टर से बात की। 

स्ट्रोक कैसे होता है? 

स्ट्रोक कैसे होता है और कितने प्रकार का होता है इस पर बात करते हुए डॉ अमित श्रीवास्तव, सीनियर कंसल्टेंट- न्यूरोलॉजिस्ट, धर्मशाला नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली ने बताया कि स्ट्रोक तब होता है जब शरीर की रक्त वाहिकाओं में वसा एकत्रित हो जाती है और इस कारण सिर में खून का प्रवाह किसी एक या कुछ वाहिकाओं में रुकता है। जब सिर में खून का प्रवाह नहीं हो पाता तो ऑक्सीजन सही से शरीर तक नहीं पहुंच पाता है और इस कारण सिर के अंदर उपस्थित कोशिकाएं तुरंत मर जाती हैं। कई बार इसका दूसरा कारण सिर में ब्लीडिंग भी हो सकता है। स्ट्रोक दो तरह के होते हैं माइनर स्ट्रोक और मेजर स्ट्रोक। ‌

स्ट्रोक के प्रकार

1. इस्कीमिक स्ट्रोक- यह स्ट्रोक नसों में ब्लॉकेज के कारण होता है। जितने भी स्ट्रोक आते हैं उसमें लगभग 87% इस्कीमिक स्ट्रोक ही होते हैं।

2. हेमोरेजिक स्ट्रोक- यह स्ट्रोक ब्लीडिंग यानी रक्तस्राव के कारण आते हैं। जितने भी स्ट्रोक आते हैं उसमें लगभग 13% हेमोरेजिक स्ट्रोक या रक्तस्रावी स्ट्रोक होते हैं। 

स्ट्रोक के कारण

डॉक्टर प्रशांत चौधरी, सीनियर कंसल्टेंट, न्यूरो सर्जरी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट, कारण व सावधानियों को लेकर बताते हैं कि 
-आजकल की अनियमित जीवन शैली
-अस्वस्थ आहार
-ज्यादा तनाव 
-शराब, सिगरेट और गुटखा के अत्यधिक सेवन 
दरअसल, इन सबकी वजह से व्यक्ति में हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, दिल की बीमारी का खतरा बढ़ता है जिसके कारण स्ट्रोक आने की संभावना बनी रहती है। 

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सर्दियों में ब्रेन स्ट्रोक का कारण

ठंडा मौसम ब्लड वेसेल्स को संकुचित कर देता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है जो स्ट्रोक के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है। तो, सर्दियों में हाई बीपी की समस्या पर खास ध्यान दें। 

स्ट्रोक के लक्षण 

स्ट्रोक के लक्षणों पर बात करते हुए डॉ. रजत चोपड़ा, कंसलटेंट न्यूरोलॉजी, नारायणा सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, गुरुग्राम बताते हैं स्ट्रोक के लक्षणों को समझना और तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचना बहुत जरूरी है, इसलिए कुछ ऐसे लक्षण होते हैं जो साफ तौर पर यह संदेश देते हैं कि मरीज स्ट्रोक के घेरे में है।
-सबसे पहले मरीज को बगैर किसी बीमारी के सिर में तेज दर्द होता है। अचानक से उठे इस तेज दर्द को गंभीर संकेत मानना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
-बोलने और समझने में कठिनाई 
-शरीर के कुछ हिस्सों में कमजोरी आ जाती है या फिर वहां पर सुन्न पड़ जाता है 
-व्यक्ति अपना संतुलन खो देता है और चलने और बैठने में मुश्किल होना 
-आंखों की रोशनी जा सकती है। 

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इससे कैसे बचें? 

इस समस्या से बचने के लिए आपको अपनी जीवन शैली को सही करना होगा और पोषण युक्त आहार को अपने जीवन में शामिल करना होगा। सैचुरेटेड फैट, नमक, ट्रांस फैट और हाई कोलेस्ट्रॉल वाली चीजों से बचें, फल और सब्जियां भरपूर मात्रा में खाएं। इसके अलावा व्यायाम योगाभ्यास को भी अपने जीवन शैली में सम्मिलित करना होगा। शराब का सेवन व तंबाकू इत्यादि के सेवन से दूर रहें, तनाव मुक्त जीवन जियें और स्वस्थ रहें।

(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)

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