Sourav Ganguly
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सौरव गांगुली

भारतीय क्रिकेट टीम को अब तक एक से बढ़कर एक कई दिग्गज कप्तान मिले, लेकिन जिस कप्तान ने टीम इंडिया को विदेश में जाकर टेस्ट मैच जीतना सिखाया वह थे सौरव गांगुली, जिन्हें लोग प्यार से दादा बुलाते हैं। सौरव गांगुली वह कप्तान हैं जिन्होंने भारत को ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड जैसी टीमों के खिलाफ मुकाबला करना सिखाया। उन्होंने वीरेंद्र सहवाग, एमएस धोनी, युवराज सिंह जैसे युवा खिलाड़ियों को मौका देकर उन्हें सुपरस्टार बनाया। आज 9 जुलाई को सौरव गांगुली को अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर हम आपको सौरव गांगुली के करियर से जुड़ी पांच बड़ी बातों के बारे में बताएंगे।

अपने डेब्यू टेस्ट मैच में सौरव गांगुली ने जड़ा था शतक

सौरव गांगुली ने अपना टेस्ट डेब्यू साल 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ किया था। अपने डेब्यू टेस्ट मैच में शतक लगाकर उन्होंने अपनी काबिलियत साबित कर दी थी। गांगुली ने उस मैच में 131 रन बनाए थे। बहुत जल्द ही वह भारत की टेस्ट टीम का अहम हिस्सा बन गए। गांगुली के लगातार अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए साल 2000 में उन्हें भारतीय टीम का कप्तान नियुक्त किया गया। वह जब कप्तान बने उस वक्त टीम इंडिया बेहद मुश्किल परिस्थिति दौर से गुजर रही थी। उस समय टीम के कई खिलाड़ियों पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगा था।

गांगुली ने कई खिलाड़ियों को बनाया सुपरस्टार

जब गांगुली टीम इंडिया के कप्तान बने उन्होंने युवराज सिंह, हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग और एमएस धोनी जैसे खिलाड़ियों को मौका दिया। उन्होंने एक युवा भारतीय टीम बनाई और उन्हें मुश्किल स्थिति में मैच जीतना सिखाया। गांगुली की कप्तानी में खेलकर कई खिलाड़ी फर्श से अर्श तक पहुंच गए। टीम इंडिया को तीन-तीन आईसीसी ट्रॉफी जिताने वाले कप्तान एमएस धोनी ने भी गांगुली के कप्तानी में ही डेब्यू किया था।

सौरव गांगुली ने स्टीव वॉ को करवाया था टॉस के लिए इंतजार

सौरव गांगुली मैदान में लेट आने के लिए जाने जाते थे। साल 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुई टेस्ट सीरीज में गांगुली ने स्टीव वॉ को टॉस के लिए इंतजार करवाया था। कोलकाता के ईडन गार्डन्स में हुए ऐतिहासिक टेस्ट मैच के पहले दिन ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ टॉस के लिए समय से पहले आ गए, लेकिन दादा टॉस के लिए थोड़ा लेट पहुंचे क्योंकि उनका ब्लेजर खो गया था। गागुली टॉस के लिए देरी से पहुंचे तो उस दौरान स्टीव वॉ काफी गुस्सा हुए थे। इस मैच को भारत ने काफी नाटकीय अंदाज में अपने नाम किया था। उस वक्त ऑस्ट्रेलिया की टीम में एडम गिलक्रिस्ट, मैथ्यू हेडन और रिकी पोंटिंग और शेन वॉर्न जैसे कई दिग्गज प्लेयर्स थे।

भारत ने रोका था ऑस्ट्रेलिया का विजयी रथ

ऐसे में सभी को उम्मीद थी कि ऑस्ट्रेलिया आसानी से इस टेस्ट सीरीज को अपने नाम कर लेगी। पहला टेस्ट मैच भी ऑस्ट्रेलिया ने 10 विकेट से अपने नाम किया। लेकिन दूसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने फॉलोऑन खेलने के बाद भी 171 रनों से जीत दर्ज की थी और ऑस्ट्रेलियाई टीम का 16 टेस्ट मैचों से चला रहा अजेय अभियान रोक दिया था। भारत ने तीसरे टेस्ट मैच को भी 2 विकेट से अपने नाम किया था। इस तरह से टीम इंडिया ने पहला टेस्ट मैच हारने के बाद सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली थी।

सौरव गांगुली के करियर की बात करें तो उन्होंने 113 टेस्ट मैच खेले, जहां उनके बल्ले से 7212 रन आए और इस दौरान उन्होंने 16 शतक लगाया। उन्होंने 311 वनडे मैचों में 11363 रन बनाए, जिसमें 22 शतक शामिल हैं। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 72 अर्धशतक भी लगाए।

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