
ओम पुरी और नसीरुद्दीन शाह।
विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘मकबूल’ सिर्फ एक कल्ट क्लासिक नहीं है, बल्कि ये भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक मील का पत्थर मानी जाती है। शेक्सपियर के ‘मैकबेथ’ पर आधारित इस फिल्म ने न केवल अपने शक्तिशाली नैरेटिव और बेहतरीन निर्देशन से दर्शकों को प्रभावित किया, बल्कि इसमें शामिल कलाकारों के करियर में भी एक निर्णायक मोड़ लाया। फिल्म का हर किरदार पर्दे पर छा गया था और ये फिल्म हर एक के करियर की बेहतरीन फिल्म साबित हुई। खासकर इरफ़ान ख़ान, जिनके करियर में ‘मकबूल’ को आज भी उनके सबसे यादगार और प्रभावशाली प्रदर्शनों में गिना जाता है।
एक फिल्म में थे एक्टिंग के कई दिग्गज
इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, पंकज कपूर, ओम पुरी, तब्बू, पीयूष मिश्रा जैसे दिग्गजों के साथ-साथ उस दौर के नए कलाकारों को भी मौका मिला था। इन्हीं में से एक थे दीपक डोबरियाल, जिन्होंने भले ही सीमित स्क्रीन टाइम मिला, लेकिन वो अपनी उपस्थिति को लोगों के दिलों में दर्ज करा दिए। हाल ही में एक इंटरव्यू में दीपक डोबरियाल ने ‘मकबूल’ के सेट का एक दिलचस्प किस्सा साझा किया, जो इरफान खान की अभिनय के प्रति गंभीरता और सेट पर मौजूद दिग्गज कलाकारों के बीच के रिश्तों को उजागर करता है। इंडियन एक्स्प्रेस स्क्रीन से बात करते हुए दीपक ने एक ऐसा किस्सा बताया, जिसे जानकर सभी सन्न रह गए।
शूटिंग के दौरान ओम पुरी करने लगे मस्ती
दीपक ने बताया कि एक सीन की शूटिंग के दौरान, जिसमें पीयूष मिश्रा के किरदार की हत्या हो जाती है और उनका शव इरफ़ान के घर लाया जाता है, वहां एक संवाद था जहां कोई ओम पुरी से पूछता है कि शव कहां मिला। ओम पुरी जवाब देते हैं, ‘हवेली के पिछवाड़े में।’ लेकिन ‘हवेली’ शब्द के उनके उच्चारण में पंजाबी लहजा था, जिससे सेट पर सब हंसने लगे और सीन बार-बार वहीं रुक जाता था। विशाल भारद्वाज ने हल्के-फुल्के अंदाज में ओम पुरी को टोका भी और कहा, ‘आपके बोलने में थोड़ा पंजाबी टच है।’ इसके बाद एक तरह का कॉमिक ब्रेक शुरू हो गया, जिसमें ओम पुरी जानबूझकर ‘हवेली’ को और भी मजेदार अंदाज़ में बोलते रहे। नसीरुद्दीन शाह भी इसमें शामिल हो गए और पूरा सेट ठहाकों से गूंज उठा।
फिर इरफान खान को आया गुस्सा
मगर बार-बार सीन के टूटने से इरफान खान, जो उस वक्त बेहद भावनात्मक स्थिति में अभिनय कर रहे थे, भीतर से परेशान हो रहे थे। दीपक ने बताया, ‘कोई भी नसीर साहब या ओम जी को कुछ कह नहीं सकता था, वे दिग्गज थे। और उनका किरदार भी कुछ हद तक हल्की-फुल्की व्यंगात्मकता लिए हुए था।’फिर अचानक एक टेक के दौरान इरफान खान ने सीन के बीच ही जोर से गाली दे दी। पूरा सेट चौंक गया। मगर अगले ही पल उन्होंने माफी मांगते हुए कहा, ‘माफ करना, मुझे लगा कि गाली देने से मुझे अभिनय में मदद मिलेगी।’इसके बाद एक तरह का कॉमिक ब्रेक शुरू हो गया, जिसमें ओम पुरी जानबूझकर ‘हवेली’ को और भी मजेदार अंदाज में बोलते रहे। नसीरुद्दीन शाह भी इसमें शामिल हो गए और पूरा सेट ठहाकों से गूंज उठा।
ये भी पढ़ें: ऐश्वर्या को दी टक्कर, ‘जोश’ में शाहरुख को थप्पड़ जड़कर हुई फेमस, 20 साल गुम है मासूमियत से दिल जीतने वाली हसीना
