West Bank violence, Israeli settlers attack, Al-Jabaa village, Benjamin Netanyahu condemnation- India TV Hindi
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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू।

बैतूल मुकद्दस: वेस्ट बैंक के एक छोटे से फिलीस्तीनी गांव अल-जबा में सोमवार रात को इजरायली सेटलर्स या यहूदी बस्तियों में रह रहे लोगों ने हमला बोल दिया। उन्होंने अल-जबा के कई घरों और गाड़ियों में आग लगा दी। यह ताजा हमला पिछले कुछ हफ्तों से हो रही सेटलर हिंसा की कड़ी का हिस्सा है। बता दें कि यह गांव बैतलहम के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। इजरायल की सेना ने बताया कि आग लगने और तोड़फोड़ की खबर मिलते ही सैनिक और पुलिस मौके पर पहुंच गए थे। यह हमला उस जगह के पास हुआ जहां  कुछ घंटे पहले ही एक अवैध यहूदी चौकी को तोड़ने का काम चल रहा था।

6 लोगों को किया गया गिरफ्तार

बता दें कि सेटलर्स और इजरायली सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़प के बाद पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि दर्जनों सेटलर्स वहां डटे थे और उन्होंने पत्थर, लोहे की रॉड फेंके और टायर जलाए। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने सेटलर्स को ‘कुछ उग्रवादी’ करार देते हुए कहा, ‘ये लोग कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश कर रहे हैं। मैं खुद इस मामले को देखूंगा और जल्द ही संबंधित मंत्रियों की बैठक बुलाकर इस गंभीर समस्या का हल निकालूंगा।’

हमलों में कई लोगों की मौत

नेतन्याहू की यह निंदा ऐसे वक्त आई है जब इजरायल इस हफ्ते तमाम कूटनीतिक चीजों में उलझा हुआ है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि वेस्ट बैंक में हिंसा गाजा में एक महीने पुराने सीज़फायर को खतरे में डाल सकती है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, इस साल सितंबर तक वेस्ट बैंक में 2,660 से ज्यादा सेटलर हमले हो चुके हैं। जैतून की फसल के मौसम में पिछले कुछ हफ्तों में 87 गांवों में 167 हमले दर्ज हुए। हिंसा दोनों तरफ से बढ़ी है। इस दौरान 14 फिलीस्तीनी और 6 इजरायली मारे गए हैं।

जांच कमेटी पर मचा बवाल

बता दें कि इसी हफ्ते सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान वॉशिंगटन जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन पर इजरायल से रिश्ते सामान्य करने और अब्राहम समझौते में शामिल होने का दबाव डालेंगे। लेकिन क्राउन प्रिंस ने साफ कहा है कि फिलीस्तीनियों के लिए आजाद मुल्क का रास्ता साफ हुए बिना वह ऐसा नहीं करेंगे। रविवार को नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले की सरकारी जांच कमेटी बनाने को मंजूरी दी। इस हमले में करीब 1200 इजरायली मारे गए थे। लेकिन विपक्ष और कई लोग नाराज हैं क्योंकि यह पूरी तरह स्वतंत्र जाच आयोग नहीं है।

‘सरकार सच से भाग रही है’

बताया जा रहा है कि नेतन्याहू खुद कमेटी के सदस्य चुनेंगे। विपक्ष के नेता यायर लापिद ने कहा, ‘यह 7 अक्टूबर के शहीदों और युद्ध में मारे गए सैनिकों का अपमान है। सरकार सच से भाग रही है।’ ‘मूवमेंट फॉर क्वालिटी गवर्नमेंट’ ने इसे ‘लीपा-पोती कमेटी’ बताया। गाजा में एक महीने पहले सीजफायर के बाद भी लोगों की मुसीबतें कम नहीं हुईं। रविवार को भारी बारिश से मवासी कैंप में हजारों टेंट पानी में डूब गए जिससे 13 हजार परिवार प्रभावित हुए। बारिश की वजह से सैकड़ों लोग ठंड से जूझ रहे हैं। (AP)

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