Maharashtra Municipal Council Elections- India TV Hindi
Image Source : PTI (सांकेतिक तस्वीर)
महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव के लिए BJP ने तीन सर्वे करवाए हैं।

मुंबई: महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनाव का बिगुल बज गया है। 29 महानगरपालिका में चुनाव 15 जनवरी को होने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने इसकी तैयारी पहले ही कर ली थी। बीजेपी के विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने 29 महानगरपालिकाओं में तीन बार सर्वे कराया है। सर्वे के आधार पर ही टिकटों का वितरण किया जाएगा। सर्वे में 20 से 25 प्रतिशत पूर्व नगर सेवकों की निष्क्रियता सामने आई है। निष्क्रिय नगर सेवकों का टिकट कटना तय है। पार्टी इन नगर सेवकों पर जोखिम नहीं उठा सकती, विशेषकर निष्क्रिय महिला नगर सेवकों की इसमें संख्या काफी ज्यादा है।

BJP के सर्वे में किन चीजों का रखा गया ध्यान?

जानकारी के मुताबिक, जो नए लोग पार्टी से जुड़े हैं उनके नाम पर भी सर्वे करवाया गया है। अपेक्षित उम्मीदवारों का भी सर्वे कराया गया। कौन-कौन उम्मीदवार हो सकता है इसको भी सर्वे में रखा गया। विरोधी पार्टी में कौन उम्मीदवार हो सकता है इसको भी सर्वे में रखा गया था। सर्वे पार्टी के हिसाब से भी कराया गया कि लोगों का रुझान किस पार्टी की तरफ से है, जो पार्टियां पहले ज्यादा सक्रिय थीं, पिछले 8 सालों में उन पार्टियों का जनाधार जो काम हुआ है, उनका वोट बैंक किस तरफ जाएगा यह भी सर्वे का मुख्य बिंदु थे।

किस आधार पर किया जाएगा गठबंधन?

जहां तक गठबंधन का सवाल है, भारतीय जनता पार्टी ने अपने सर्वे में यह भी रखा था कि किस महानगरपालिका में किस पार्टी से गठबंधन होना चाहिए और कहां पर बीजेपी को स्वतंत्र चुनाव लड़ना चाहिए। यह भी सर्वे की मुख्य बिंदुओं में से था। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि गठबंधन उतना ही उन महानगरपालिका में होगा जहां जिसकी जितनी क्षमता है। उसके हिसाब से उनको टिकट दिया जाएगा, यदि कोई पार्टी अपनी क्षमता से ज्यादा टिकट मांगती है तो भारतीय जनता पार्टी उनके साथ समझौता नहीं करेगी, पार्टी वहां पर मित्रतापूर्वक लड़ाई लड़ेगी।

किन महिला उम्मीदवारों को मिलेगी प्राथमिकता?

महिला उम्मीदवारों के संबंध में पार्टी काफी ज्यादा सख्त दिख रही है। वजह यह है कि पार्टी का यह मानना है कि जो महिला कार्यकर्ता हैं उन्हें पहली प्राथमिकता दी जाए, किसी की बहू, बेटी या पत्नी होना प्राथमिकता नहीं रहेगी। प्राथमिकता जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिला कार्यकर्ताओं को मिलेगी। जिस वजह से हर महानगर पालिका में इंटरव्यू देने वाली महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा देखी जा रही है।

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