Image Source : REPORTER INPUT
पुलिस ने ‘मदारी गैंग’ के 2 शातिर अपराधियों को दबोचा।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान सूरत शहर क्राइम ब्रांच ने साधु का वेश धारण कर लोगों को झांसा देकर कीमती गहने उतरवाने वाली ‘मदारी गैंग’ के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 8,71,780 रुपये का माल बरामद किया है, जिसमें सोने की रुद्राक्ष माला, सोने की अंगूठी, नकदी, दो कारें और 4 मोबाइल फोन शामिल हैं।
जानें पूरा मामला
पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) के निर्देश पर डीसीबी टीम शहर में पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान आर्म्स स्क्वॉड को मिली सूचना के आधार पर कोसमाडा-खडसाद कैनाल रोड, क्षेत्र में बुलेट ट्रेन ब्रिज के नीचे से राजेशनाथ उर्फ राजलो बाबूनाथ मदारी और उसके साथी अशोककुमार गमनाराम चौधरी निवासी सिरोही (राजस्थान) को दबोच लिया गया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अलग-अलग शहरों और राज्यों में घूमकर धार्मिक स्थलों व बाजारों के पास लोगों को रोकते थे। साधु वेश में राजलो ज्योतिषी अंदाज में बातें कर भरोसा जीतता और ‘भंडारा’ या ‘गौशाला दान’ के नाम पर गहने उतरवाकर फरार हो जाता। पुलिस ने सूरत सहित महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में दर्ज 19 वारदातों का खुलासा किया है।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
गिरफ्तार आरोपी पहले फोर व्हीलर से अलग-अलग शहरों में पहुंचते थे। राजलो मदारी साधु का वेश धारण कर लेता, जबकि उसका साथी वाहन चलाते हुए आसपास निगरानी करता। ये लोग मंदिर, आश्रम या भीड़भाड़ वाले बाजार के पास संभावित शिकार को रोकते और ज्योतिषीय अंदाज में सामान्य बातें कहते—“तुम्हारे दुश्मन ज्यादा हैं”, “पैसा आता है पर टिकता नहीं” जैसी पंक्तियों से भरोसा जीतते। इसके बाद ‘दान’, ‘भंडारा’ या ‘गौशाला सेवा’ के नाम पर सोने की चेन, अंगूठी या माला उतरवाकर कार में बैठ फरार हो जाते थे।
Image Source : REPORTER INPUTपुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
किन-किन राज्यों में फैला था जाल?
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में वारदातों को अंजाम दिया। सूरत के वेसु, कामरेज, नवसारी-वेस्मा, बनासकांठा, आनंद, संतारामपुर, लुणावाड़ा जैसे इलाकों के अलावा महाराष्ट्र के नासिक, जलगांव, जलना, धुलिया, पुणे, सांगली, शिरडी आदि स्थानों पर भी सोने के गहने उतरवाने की घटनाएं कबूली हैं। कुल 19 अन्य वारदातों की स्वीकारोक्ति के साथ अब तक 21 अपराधों का खुलासा हो चुका है। पुलिस अन्य राज्यों से भी समन्वय कर रही है।
जब्त माल और दर्ज मामले
क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के कब्जे से सोने की रुद्राक्ष माला (कीमत 2.86 लाख), सोने की अंगूठी (80,450 रुपये), 5,050 रुपये नकद, स्विफ्ट वी.डी.आई. कार, होंडा अमेज कार और चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। कुल बरामदगी 8.71 लाख रुपये आंकी गई है। सूरत के वेसु थाने और महाराष्ट्र के सांगली जिले के कडेगांव थाने में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) सहित अन्य धाराओं में मामले दर्ज हैं। आगे की पूछताछ जारी है।
मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास
मुख्य आरोपी राजेशनाथ उर्फ राजलो बाबूनाथ मदारी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। वर्ष 2016 में कपडवंज (खेड़ा) में मारपीट का मामला दर्ज हुआ था। वर्ष 2024 में राजस्थान के सागवाड़ा थाने में ठगी का प्रकरण दर्ज है। वर्ष 2025 में कपडवंज में दंगा और अन्य धाराओं के तहत भी केस दर्ज हुआ था। पुलिस का मानना है कि आरोपी लंबे समय से संगठित तरीके से ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। फिलहाल क्राइम ब्रांच ने लोगों से अपील की है कि यदि वे इस गैंग का शिकार हुए हों तो संपर्क करें।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक फिलहाल आरोपी को वेसू पुलिस को सौंप दिया जाएगा। पुलिस ने बताया कि मदारी और उसके साथी पर रायटिंग का मामला दर्ज है। वहीं मदारी के काम में एनिमल एक्ट लगने से ये काम बंद हो गया और पैसे का दूसरा स्त्रोत बनाने के लिए इस की आड में ठगी शुरू कर दी थी।