
वजन घटाने में की जाने वाली गलतियां
हेल्दी रहना है तो हेल्दी वजन मेंटेन करना जरूरी है। लेकिन कई बार लोग वजन घटाने के चक्कर में खान-पान की ऐसी आदतें अपना लेते हैं जिनसे शुरुआत में तो वजन कम होता है लेकिन लंबे समय में मेटाबॉलिज्म स्लो जाता है और मोटापा कम करना मुश्किल हो जाता है। क्रैश डाइटिंग करना, लो फैट खाना खाना और डाइट फूड पर निर्भर रहना ये ऐसे तरीके हैं जिन्हें लोग वजन घटाने के लिए ज्यादा अपना रहे हैं। डाइटिशियन स्वाति सिंह ने बताया कि ज्यादातर भारतीय वजन कम करने में कुछ ऐसी गलतियां करते हैं जिससे लंबे समय में वजन कम करना मुश्किल हो जाता है।
वजन घटाने में कौन सी गलतियां करते हैं?
कैलोरी कम के लिए खाना छोड़ देना- वजन घटाने के लिए कैलोरी कम लेना अच्छी बात है लेकिन ज्यादातर लोग दिन में एक बार खाना खाने के चक्कर में नाश्ता और डिनर छोड़ देते हैं। जबकि लंबे समय तक शरीर को पोषण से दूर रखना सेहत पर उल्टा पड़ सकता है। जब शरीर को खाने की कमी महसूस होती है, तो वह ऊर्जा बचाने के लिए अपने मेटाबॉलिज्म को धीमा कर सकता है। इससे कैलोरी बर्न होने की बजाय उसके जमा होने और फैट स्टोरेज करने की संभावना बढ़ जाती है। जबकि मेटाबॉलिज्म तेज करने और शुगर को कंट्रोल करने के लिए समय के अनुसार खाना जरूरी है।
भरपूर प्रोटीन नहीं लेते- हेल्दी वेट मेंटेन करने के लिए प्रोटीन सबसे जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। लेकिन ज्यादातर भारतीयों की डाइट में प्रोटीन कम होता है। पर्याप्त प्रोटीन का सेवन मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद करता है और मेटाबॉलिज्म तेज करता है। प्रोटीन खाने से लंबे समय तक पेट भरा रहता है। जिससे आप ज्यादा खाने और बार बार खाने से बचते हैं। शरीर प्रोटीन को पचाने में ज्यादा ऊर्जा का उपयोग करता है। प्रोटीन का सेवन पूरे दिन में खर्च होने वाली कैलोरी की संख्या को बढ़ाने में भी मदद कर सकता है। इसके लिए दालें, पनीर, अंडे, टोफू, डेयरी उत्पाद, मेवे या कम फैट वाला मीट खा सकते हैं।
कम कैलोरी वाला भोजन- क्रैश डाइट के चक्कर में लोग बहुत कम कैलोरी वाला खाना खाने लगते हैं। इससे वजन भले ही तेजी से कम होता है लेकिन बेहद कम कैलोरी वाले खाने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है और मांसपेशियों में कमी आ सकती है। जब शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती, तो वह एनर्जी सेव मोड में चला जाता है, जिससे लंबे समय तक वजन घटाना मुश्किल हो जाता है। वजन घटाने के लिए बैलेंस डाइट के साथ धीरे-धीरे कैलोरी कम करना कहीं ज्यादा फायदेमंद है।
वेट ट्रेनिंग और फिजिकल एक्टिविटी कम- कुछ लोग वजन घटाने की कोशिश में फिजिकल एक्टिविटी छोड़कर सिर्फ डाइट पर ध्यान देने लगते हैं। जबकि व्यायाम खासतौर से वेट ट्रेनिंग मांसपेशियां बनाने में मदद करती है। इससे हेल्दी मेटाबॉलिज्म बनाए रखने में मदद मिलती है। इससे वर्कआउट के बाद भी और यहां तक कि आराम करते समय भी आपकी कैलोरी बर्न होती रहती हैं। इसलिए पावर एक्सरसाइज, योग, रेजिस्टेंस ट्रेनिंग या रोजाना वॉक करने जैसी आदतों को अपनाएं।
पैकेटबंद और डाइट फूड्स खाना- वजन घटाने के लिए कई बार लोग कम फैट, डाइट और हेल्दी लेवल वाला पैकेटबंद भोजन को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लेते हैं। जबकि ये बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड होता है। इसमें चीनी, केमिकल और नमक की मात्रा कहीं ज्यादा होती है। इस तरह के खाने की बजाय आपको घर का बना और ताजा भोजन खाना चाहिए। डाइट में साबुत अनाज की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए। खाने में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें, मेवा और प्रोटीन वाली डाइट लें।
