
संभल सीओ कुलदीप कुमार
संभलः संभल के सीओ कुलदीप कुमार का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वे कानून व्यवस्था को लेकर बेहद कड़ा रूख अपनाते दिखाई दे रहे हैं। सड़क पर नमाज़, विदेशी मुद्दों पर नारेबाजी और माहौल बिगाड़ने वालों को लेकर सीओ ने साफ चेतावनी दे दी है। उनका कहना है कि संभल में कानून से खिलवाड़ करने वालों को बिल्कुल नहीं बक्शा जाएगा।
दरअसल संभल में ईद और जुम्मे की नमाज़ से पहले पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर नजर आ रहा है। इसी बीच संभल सीओ कुलदीप कुमार का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें वे सख्त लहजे में कानून व्यवस्था को लेकर चेतावनी देते सुनाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है।
रोड पर नमाज़ पढ़ने की अनुमति नहीं
सीओ कुलदीप कुमार ने साफ कहा कि मस्जिदों के बाहर सड़क पर नमाज़ पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर कोई व्यक्ति सड़क पर नमाज़ पढ़ते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर जेल भी भेजा जाएगा। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक सड़कों पर धार्मिक गतिविधियों होने से आम-जनता और ट्राफिक को परेशानी होती है। इसलिए नियमों का पालन सर हाल में करना होगा।
यहां देखें वीडियो
ईरान का समर्थन करने वालों को दिया सख्त मैसेज
वायरल वीडियो में सीओ कुलदीप कुमार अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर भी सख्त संदेश देते नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के दो देशों के बीच युद्ध चल रहा है और यहां हिंदुस्तान में कुछ लोगों को बेवजह खुजली मची हुई है। अगर किसी को किसी दूसरे देश से इतना ही लगाव है तो वह जहाज में बैठकर वहीं चला जाए और वहीं जाकर उनका समर्थन करें।
सीओ का कहना है कि भारत में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर बखेड़ा और कानूनी व्यवस्था खराब करना किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संभल में किसी भी देश के समर्थन या विरोध में नारेबाजी,स्लोगन और बेवजह प्रर्दशन की अनुमति नहीं दी जा सकती। संभल पुलिस का साफ संदेश है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी हालत में बक्शा नहीं जाएगा। त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जाए इसके लिए संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने बयान की निंदा की
वहीं, संभल के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने सीओ के बयान को शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। सपा सांसद ने कहा कि क्या अब पुलिस प्रशासन की भाषा यही रह गई है ? किसी अधिकारी को धर्म या समुदाय का अपमान करने का अधिकार किसने दिया? पुलिस का काम नागरिकों की सुरक्षा करना है, न कि धमकी देकर डर का माहौल पैदा करना। एक अधिकारी को कानून और संविधान की बात करनी चाहिए, न कि धमकी और अपमान की भाषा बोलनी चाहिए। भारत संविधान से चलता है, किसी अधिकारी की धमकी से नहीं। देश में अमन और भाईचारा बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
भारत का संविधान हर नागरिक को अपनी भावनाएं और राय रखने का अधिकार देता है। अगर कोई कानून तोड़े तो कार्रवाई कानून के तहत होनी चाहिए। लेकिन इस तरह की धमकी भरी भाषा प्रशासन की मानसिकता पर सवाल खड़े करती है। ऐसे बयान समाज में नफरत और तनाव बढ़ाते हैं। प्रशासन को इस मामले का तुरंत संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
रिपोर्ट- रोहित व्यास, संभल