
CM मोहन यादव
नई दिल्ली: इंडिया टीवी के लोकप्रिय शो आप की अदालत में इस बार के मेहमान मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव थे। उन्होंने शो के एंकर और इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर इन चीफ रजत शर्मा के सवालों के खुलकर जवाब दिए। शो के दौरान मोहन यादव से ये सवाल पूछा गया कि उन्होंने बेटे की शादी चुपचाप क्यों की?
मोहन यादव ने क्या बताया?
मोहन यादव ने बताया, “हम जितने बड़े पद पर पहुंच जाएं, हमारे एक-एक काम से समाज को संदेश देने की आवश्यकता है। बड़ा आदमी ज्यादा दिखावा करता है, बड़ी शादी करता है तो गरीब आदमी को मजबूरी में करनी पड़ेगी। वो कर्ज में डूब जाएगा। तो विवाह तो होना चाहिए लेकिन दिखावा क्यों करना चाहिए? इससे बचने की आवश्यकता है। मुझे गर्व है कि मैंने कहा कि मैं भले ही सीएम हूं लेकिन 50-50 लोग मिलकर भी शादी कर सकते हैं। उस आधार पर हमने अपने बेटे की शादी की।”
इस पर रजत शर्मा ने कहा, “ये तो उल्टा रास्ता है ना। नॉर्मली जब सीएम के बेटे की शादी होती है तो लाखों लोगों को बुलाया जाता है। सबको भोजन करवाया जाता है।” इस पर मोहन यादव ने कहा, “सीएम का बेटा है, इसलिए लाखों लोगों को भोजन कराए, ये तो गलत बात हो जाएगी। मंत्री, मुख्यमंत्री जैसे लेवल के जो लोग होते हैं, उनको सादगी का संदेश देने का इससे अच्छा मौका नहीं है। मैं हाथ जोड़कर ये बात कहना चाहूंगा कि कोई भी व्यक्ति अनावश्यक दिखावा ना करे, यही संदेश देश में जाना चाहिए।”
मोहन यादव ने गाना भी गाया
ऑडियंस में एक लड़की ने सीएम मोहन यादव से कहा, “मैंने सुना है कि आपको गाना गाने का बड़ा शौक है। तो आप इस अदालत में हमें गाना सुना दीजिए प्लीज।” इस पर सीएम मोहन यादव ने मुस्कुराते हुए कहा, “देखिए, गाने की कॉलेज के समय की बात अलग थी। अब तो हम नेता हैं। भाषण ही अच्छी चीज है। थोड़ा कठिन हो जाएगा। लेकिन ये सही है कि हमारे मनोविकास की दृष्टि से, एकाग्रता की दृष्टि से सत्संग और गाने का अपना एक महत्व है। मुझे थोड़ा भक्ति भावना और त्यौहार मनाने की आदत है।”
हालांकि जनता की डिमांड पर सीएम मोहन यादव ने “बड़ी देर भई नंदलाला, तेरी राह तके ब्रजबाला” भजन सुनाया।