
‘आप की अदालत’ में मोहन यादव।
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी की कांग्रेस पार्टी की तुलना महाभारत के पात्र शिशुपाल से की है। उन्होंने मतदाताओं से आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को हराने के लिए ‘चुनाव आयोग के बटन को सुदर्शन चक्र’ के रूप में इस्तेमाल करने का आह्वान किया है। इंडिया टीवी पर प्रसारित होने वाले लोकप्रिय टीवी शो ‘आप की अदालत’ में रजत शर्मा के सवालों का जवाब देते हुए मोहन यादव ने भागलपुर में हुई हालिया घटना की निंदा की, जहां कुछ कांग्रेस समर्थकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां के खिलाफ अपमानजनक नारे लगाए थे।
मोहन यादव ने कहा, ‘मोदीजी की माताजी दिवंगत हो गईं, उनको कोई गाली बकता है, तो ये तो दिमागी दिवालियापन है। मैं कटु शब्दों में निंदा कर रहा हूं, उन्हें माफी मांगना चाहिए।’ रजत शर्मा द्वारा यह पूछे जाने पर कि इसका जवाब देने के लिए क्या किया जाना चाहिए, मुख्यमंत्री ने उत्तर दिया, ‘ऐसे लोगों का इलाज इलेक्शन कमीशन ने दिया है, बटन दबाओ, भारत माता की जय। इलेक्शन होने वाला है बिहार में, बिहार की जनता के लिए बटन दबाने का बड़ा चांस है।’
मोहन यादव ने कहा, ‘मैं इसको इस रूप में भी देखता हूं, 5000 साल पहले श्रीकृष्ण जी ने सौ गलती तक माफ करने का बुआजी को आश्वासन दिया था, जैसे ही 99 पूरी हुई, श्रीकृष्ण जी की उंगली में सुदर्शन चक्र आया, 100 के बाद धड़ाम। आज के युग में इलेक्शन कमीशन सुदर्शन चक्र देता है, आप बटन दबाओ, बाकी का काम हो जाएगा।’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘लोकतंत्र में किसी को मारना नहीं पड़ता है, लोकतंत्र में पराजित करके ही सारी चीजों का जवाब मिल जाता है। मुझे इस बात का पूरा भरोसा है बिहार की जनता ऐसे गाली बकने वालों को माफ नहीं करेगी, ये पक्की बात है।’
मध्य प्रदेश में बटन किसने दबाया?
रजत शर्मा ने जब कहा कि कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद मध्य प्रदेश केंद्र शासित राज्य बन गया है क्योंकि इसकी डोर किसी और के हाथ में है, तो मोहन यादव ने कहा, ‘दरअसल, वो कांग्रेस सरकार की असलियत बता रहे थे। आज ही अखबारों में खबर है कि बेहतर तरीके से प्रशासित राज्यों की लिस्ट में मध्य प्रदेश छठे नंबर पर है। तो बाकी मुझे क्या बोलना है!’
यह पूछे जाने पर कि जब उनका नाम मुख्यमंत्री के रूप में घोषित किया गया तो वह खुद क्यों चौंक गए थे, मोहन यादव ने हंसते हुए जवाब दिया: ‘हम तो बल्ब हैं, बटन दबाया तो चालू, हमारी टिकट किसी को लौटाना तो लौटा दी, हमें सीएम बनाया, तो हम भी बन गए, हमें क्या दिक्कत है।’
रजत शर्मा: तो किसने दबाया बटन?
मोहन यादव: पार्टी ने बनाया, पार्टी तय करती है, पार्टी के हम अनुशासित कार्यकर्ता हैं। हम हमारे बारे में निर्णय नहीं करते। हमारी पार्टी प्रत्येक कार्यकर्ता की योग्यता, क्षमता, काम करने के तरीके, विचारधारा की प्रतिबद्धता, उसके जीवन के आचरण, उन सबको बहुत तरीके से देखती है, और मुझे गर्व है कि पार्टी मुझे इस पद पर लाई।
रजत शर्मा: कुछ लोग कहते हैं कि जे.पी. नड्डा की पत्नी मल्लिका जी आपको राखी बांधती हैं, आपके उनके साथ अच्छे संबंध हैं और इससे मदद मिली?
मोहन यादव: रक्षाबंधन में तो मैं पूरे प्रदेश से दसों हजारों बंधवाता हूं, मेरी पत्नी को छोड़ कर सारी बहनें हमारी हैं।
राहुल की मानसिकता अर्बन नक्सल वाली है
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी ‘मानसिकता अर्बन नक्सल वाली’ है, जिसके कारण वह ‘लोकतंत्र के स्तंभों’ पर सवाल उठा रहे हैं। मोहन यादव ने कहा, ‘राहुल जी कहते हैं कि 20 साल से मोदी वोट चारी कर रहे थे गुजरात में, अब कोई उन्हें बताएं कि 10 साल केंद्र में उनकी सरकार थी, क्या वो सो रहे थे या कहां गए थे? जो बोल रहे हैं, उनको खुद को होश नहीं कि क्या कह रहे हैं। 10 साल MMS की सरकार 2004 से 2014 तक उनकी थी, राहुल जी के बयानों से उनकी पार्टी और रसातल की ओर जा रही है।’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘राहुल जी को अपोजिशन लीडर के पद की गरिमा का अहसास नहीं कि वो क्या कह रहे हैं। दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत है, हमारे लिए गर्व है, आजादी से लेकर अब तक भारत का लोकतंत्र जिंदा है, सुप्रीम कोर्ट, इलेक्शन कमीशन के कारण भारत का लोकतंत्र जिंदा है। दुर्भाग्य से अर्बन नक्सल मानसिकता के आधार पर राहुल गांधी इन सब पे सवाल उठाते हैं, ये हम सबके लिए शर्म की बात है। निंदाजनक बात है। अगर वो लोकतंत्र के पिलर्स पर सवाल उठा रहे हैं, उनको सुप्रीम कोर्ट पसंद नहीं है, इलेक्शन कमीशन पसंद नहीं है, अगर हमारी सेना के सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक के सबूत मांगते हैं, राहुल गांधी को डूब मरना चाहिए जब वो ऐसी बात करते हैं।’
मोहन यादव ने कहा, ‘लोकतंत्र में जनता की निगाह परखी है। जनता सारा हिसाब रख रही है वो जो जो बोल रहे हैं, राहुल गांधी और उनकी पार्टी को जवाब देना पड़ेगा इस व्यवहार के कारण।’