
बाउल्स, चांदी की चॉपस्टिक्स और पश्मीना शॉल
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान की दो दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन रवाना हो चुके हैं। जापान की यात्रा के दौरान 13 प्रमुख समझौतों एवं घोषणाओं को अंतिम रूप दिया गया और कई पहल की शुरुआत का ऐलान किया गया। जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने पूरी गर्मजोशी के साथ पीएम मोदी का स्वागत किया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र् मोदी ने जापान के पीएम को एक अनोखा उपहार सौंपा। चार छोटे बाउल्स और चांदी की चॉपस्टिक्स के साथ एक बड़े भूरे रंग के मूनस्टोन बाउल को बतौर उपहार भेंट किया।
चार छोटे बाउल्स और चांदी की चॉपस्टिक्स
चांदी की चॉपस्टिक्स से सजे ये विंटेज कीमती पत्थर के बाउल भारतीय कला और जापानी पाक कला की परंपरा का एक अनूठा मिश्रण हैं। चार छोटे बाउल्स और चांदी की चॉपस्टिक्स के साथ एक बड़े भूरे रंग के मूनस्टोन बाउल से सजे इस बाउल की प्रेरणा जापान के डोनबुरी और सोबा रीति-रिवाजों से ली गई है।
राष्ट्रपति की पत्नी को पश्मीना शॉल भेंट की
वहीं पीएम मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री की पत्नी को कागज़ की लुगदी के डिब्बे में पश्मीना शॉल भेंट की। लद्दाख के चंगथांगी बकरी के महीन ऊन से बनी यह पश्मीना शॉल अपने हल्के, मुलायम और गर्म होने के कारण दुनिया भर में सराहा जाता है। कश्मीरी कारीगरों द्वारा हाथ से बुना गया यह शॉल सदियों पुरानी परंपरा को दर्शाता है जिसे कभी राजघराने संजोते थे।
इस शॉल का आधार हाथीदांत का है और इसमें लगे, गुलाबी और लाल रंग के नाज़ुक पुष्प और पैस्ले डिज़ाइन हैं, जो क्लासिक कश्मीरी डिज़ाइन और शिल्प कौशल को दर्शाते हैं।यह हाथ से पेंट किए गए पेपर-मैचे बॉक्स में आता है, जिस पर फूल और पक्षी आकृतियां सजी हैं, जो इसकी सुंदरता और सांस्कृतिक मूल्य को बढ़ाती हैं। शॉल और बॉक्स मिलकर कश्मीर की कलात्मकता, विरासत और कालातीत लालित्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।